उधमपुर। प्रधान सत्र न्यायाधीश न्यायालय ने आदेश जारी करते हुए आरोपी मोहम्मद आरिफ की अग्रिम जमानत याचिका को खारिज कर दिया है। अदालत ने मामले की पैरवी न किए जाने के कारण यह फैसला सुनाया। इसके साथ ही अदालत की तरफ से पूर्व में आरोपी को दी गई अंतरिम अग्रिम जमानत की राहत को भी तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया गया है।
यह मामला रामबन जिले के गोविंदपुरा मैत्रा से जुड़ा है। आरोपी के खिलाफ पुलिस स्टेशन उधमपुर में मामला दर्ज है। गिरफ्तारी से बचने के लिए याचिकाकर्ता ने अदालत में अग्रिम जमानत के लिए आवेदन दायर किया था। अदालत ने इस मामले पर शुरुआती सुनवाई करते हुए 14 अगस्त 2026 को याचिकाकर्ता को अंतरिम अग्रिम जमानत दे दी थी।
प्रधान सत्र न्यायाधीश की अदालत में सुनवाई के दौरान केंद्र शासित प्रदेश की ओर से सरकारी वकील उपस्थित हुए। हालांकि, याचिकाकर्ता या उनकी ओर से कोई भी वकील अदालत में उपस्थित नहीं हुआ। अदालत ने अपने आदेश में दर्ज किया कि 14 अगस्त 2026 को अंतरिम राहत मिलने के बाद से न तो याचिकाकर्ता और न ही उनके वकील मामले की आगे की कार्यवाही में शामिल हुए। लगातार अनुपस्थिति को देखते हुए पीठ ने यह माना कि आवेदक अब इस याचिका को आगे बढ़ाने या पैरवी करने में रुचि नहीं रख रहा है। मामले का संज्ञान लेते हुए न्यायाधीश ने याचिका को डिजाल्ट रूप से खारिज करने का आदेश दिया। अदालत ने कहा कि 14 अगस्त को प्रदान की गई अंतरिम अग्रिम जमानत तुरंत प्रभाव से निरस्त की जाती है। इसके साथ ही नियमानुसार कागजी कार्यवाही पूरी कर मामले की फाइल को रिकॉर्ड रूम में भेजने के निर्देश दिए गए।