उधमपुर। उत्तरी कमान मुख्यालय उधमपुर में मंगलवार को कॉर्प्स ऑफ सिग्नल्स की 111वीं वर्षगांठ मनाई गई। 15 फरवरी 1911 को स्थापना के बाद से कोर ने सेना इकाइयों को विश्वसनीयता, मजबूती और सुरक्षित संचार सहायता प्रदान की है। इस अवसर पर उत्तरी कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ लेफ्टिनेंट जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने शहीदों को श्रद्धांजलि दी।
सेना वर्तमान में सूचना क्षेत्र की शक्ति का लाभ उठाकर खुद को एक शक्तिशाली युद्ध विजेता बल में बदल रही है। सिग्नल कॉर्प्स अपनी भूमिका और तेजी से बदलते तकनीकी परिदृश्य के अनुकूल क्षमता में लगातार विकसित हो रहा है। कोर ऑफ सिग्नल्स ने जारी ऑपरेशन स्नो लेपर्ड और कोविड-19 महामारी के दौरान अचूक संचार सहायता प्रदान की है जो वास्तव में प्रशंसनीय है।
वहीं, पूर्व चेतावनी ब्रिगेड और सिग्नल इंटेलिजेंस इकाइयों की ओर से काउंटर इंसरजेंसी, आतंकवाद संचालन के साथ-साथ पूर्वी लद्दाख में वास्तविक समय में इनपुट प्रदान करने में उत्कृष्ट योगदान दिया गया है। साथ ही संघर्ष के दौरान खतरों से निपटने के लिए विभिन्न परियोजनाओं के कार्यान्वयन से क्षमता विकास में जबरदस्त प्रगति हुई है।
सेना के नेटवर्क केंद्रित युद्ध की ओर बढ़ने में कॉर्प्स प्रमुख उत्प्रेरक रहा है। परिश्रम, दूरदर्शिता और पूर्ण दृढ़ता के साथ, कॉर्प्स भविष्य की सभी सैन्य गतिविधियों में युद्ध जीतने वाला कारक बनने की ओर अग्रसर है। उत्तरी कमान में सिग्नल यूनिटों ने अपने-अपने यूनिट स्थानों पर इसका जश्न मनाया। अधिकारियों, जूनियर कमीशंड अधिकारियों और उनके परिवारों ने उत्तरी कमान में आयोजित समारोह में भाग लिया।