उधमपुर। मानव उत्थान सेवा समिति उधमपुर ने गुरु नानक देव जयंती के उपलक्ष्य में वार्ड 14 में भव्य सत्संग आयोजित किया। इसमें रामनगर के डीडीसी मूल राज भगत, बसंतगढ़ की बीडीसी सदस्य अशरी देवी, पार्षद नेहा वर्मा, सरपंच शांति देवी मुख्य रूप से शामिल हुईं।
सत्संग की शुरूआत करते हुए मां राजराजेश्वरी आश्रम की प्रभारी एवं सद्गुरु देव सतपाल महाराज की शिष्या महात्मा समता बाई ने श्रद्धालुओं को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि महापुरुषों का अवतरण मानवमात्र के कल्याणार्थ और मानवता की भलाई के लिए ही होता है। गुरु नानक देव जी ऐसे समय में प्रकट हुए जब समाज अज्ञानता की बेड़ियों में जकड़ा हुआ था। तब बाहरी कर्मकांड को ही सब कुछ समझा जाता था।
उन्होंने मानव को प्राणी मात्र में समाए घट-घट वासी परमब्रह्म परमात्मा का व्यवहारिक ज्ञान देकर भक्ति का सीधा और सरल मार्ग बताया। विभिन्न विचारधाराओं में फंसे समाज को नाम-शब्द और एक नूर का बोध करा एकता के सूत्र में पिरोया। उन्होंने समझाया कि ‘अव्वल अल्लाह नूर उपाया कुदरत के सब वंदे, एक नूर ते सब जग उपजया, को भले को मंदे’। अर्थात हम सब के अंदर प्राण रूपी धागा एक ही है। उसको जानने से ही सामाजिक एकता संभव है। इस अवसर पर महात्मा अनुरोध बाई और जिला विकास परिषद सदस्य मूल राज ने भी अपने विचारों से श्रोताओं को लाभान्वित किया। कार्यक्रम के अंत में विशाल भंडारे का आयोजन किया गया।