210 बच्चों की पढ़ाई प्रभावित, शिक्षा विभाग के दावे खोखले, स्थानीय लोग शिक्षा विभाग के चक्कर काटने को मजबूर
उधमपुर। सरकारी हाई स्कूल किथर चिल्डी में शिक्षकों की कमी के कारण विद्यार्थियों की पढ़ाई बुरी तरह प्रभावित हो रही है। हेडमास्टर का पद नौ महीने से खाली पड़ा है, वहीं 9 शिक्षकों के स्वीकृत पदों में से सिर्फ 3 शिक्षक ही 210 छात्रों को पढ़ाने के लिए मौजूद हैं।
स्थिति यह है कि स्कूल में 13 स्वीकृत पदों में से 8 खाली पड़े हैं, जिसमें हेडमास्टर, पीईटी (शारीरिक शिक्षक), जूनियर असिस्टेंट, लाइब्रेरी असिस्टेंट जैसे अहम पद शामिल हैं। शिक्षकों की कमी के चलते छात्र-छात्राओं का भविष्य अधर में लटक गया है।
पूर्व सरपंच छोटू राम ने बताया कि कई बार स्थानीय लोग शिक्षा विभाग के अधिकारियों से मिल चुके हैं, लेकिन हर बार सिर्फ आश्वासन ही मिला है। नौ महीने पहले जब स्कूल की हेडमास्टर सेवानिवृत्त हुई थीं, तब से लेकर आज तक नया हेडमास्टर नियुक्त नहीं किया गया है।
उन्होंने कहा, अगर स्कूल में पढ़ाने के लिए शिक्षक ही नहीं होंगे, तो बच्चों का भविष्य कैसे सुधरेगा। शिक्षा विभाग को जल्द से जल्द खाली पदों को भरना चाहिए। स्कूल में शिक्षकों और प्रशासनिक स्टाफ की इस किल्लत ने सरकारी स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अगर जल्द ही इन पदों को नहीं भरा गया, तो छात्रों की पढ़ाई और उनके भविष्य पर इसका गंभीर असर पड़ सकता है। उन्होंने खाली पदों को जल्द भरने की मांग की है। स्थानीय लोगों और पूर्व सरपंच ने शिक्षा विभाग के उच्चाधिकारियों से मांग की है कि जल्द से जल्द हेडमास्टर सहित शिक्षकों की नियुक्ति की जाए, ताकि बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके। अब देखना होगा कि शिक्षा विभाग इस गंभीर मुद्दे पर कब तक कार्रवाई करता है। संवाद
स्कूल में शिक्षकों के पदों की स्थिति
कुल स्वीकृत पद : 13
मौजूदा समय में भरे गए पद : 5
खाली पद : 8 (हेडमास्टर, पीईटी, जूनियर असिस्टेंट, लाइब्रेरी असिस्टेंट)
मौजूदा शिक्षक : सिर्फ एक शिक्षक और दो मास्टर 210 बच्चों को पढ़ा रहे हैं
स्कूल में हेड मास्टर सहित शिक्षकों की कमी को लेकर लिखित में उच्च अधिकारियों को भेज दिया है। उम्मीद है कि आने वाले दिनों में निकलने वाली हेड मास्टर की सूची के चलते स्कूल में हेड मास्टर की खाली पड़े पद को भर दिया जाएगा।
कमल किशोर बडयाल, सीईओ