उधमपुर। कचरा दो या न दो, लेकिन 50 रुपये मासिक शुल्क हर शहरवासी को देना ही होगा। इसके साथ ही भुगतान नहीं करने और कचरा उठाने वाले कर्मचारियों से बदसलूकी करने वालों के खिलाफ मामला दर्ज किया जाएगा। यह निर्देश नगर परिषद के चेयरमैन ने घर-घर से कचरा उठाने वाली योजना के संबंध में शहरवासियों के लिए जारी किए हैं। क्योंकि घर से निकलने वाले कचरे को कर्मी ही शहर से बाहर ले जाता है। इसलिए सभी को भुगतान करना अनिवार्य है।
नगर परिषद की ओर से एक सितंबर से घर-घर से गंदगी उठाने की प्रक्रिया को फिर से शुरू किया गया है, लेकिन कई स्थानों पर लोग शुल्क का भुगतान नहीं कर रहे हैं। वहीं, जब कंपनी के कर्मचारी राशि जमा करने के लिए जा रहे हैं तो उनके साथ बदसलूकी की जा रही है। इसका एक वीडियो सोमवार को वायरल हुआ, जिसमें दुकानदार गंदगी देने से मना करता है और बदसलूकी करते हुए गाली गलौच करता है। वीडियो वायरल होने के बाद नगर परिषद के चेयरमैन डॉ. जोगेश्वर गुप्ता के साथ पार्षदों की बैठक हुई, पुलिस अधिकारी भी शामिल रहे। बैठक में निर्णय लिया गया कि शहर के हर घर से 50 रुपये प्रति माह के हिसाब से कचरा उठाने के लिए भुगतान करना होगा। अगर कोई शहरवासी कचरा नहीं भी देता है तो भी उसको भुगतान करना पड़ेगा। शहर के हर घर से कचरा उठाने की सुविधा शुरू की गई है। अगर कोई गंदगी को डंपिंग स्टेशन में भी डालता है तो उसे शहर से बाहर ले जाने का काम नगर परिषद की ओर से किया जा रहा है। कचरा उठाने वाले कर्मचारियों के साथ बदसलूकी किसी भी सूरत में सहन नहीं की जाएगी। अगर कोई ऐसा करेगा तो उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाएगी। शहर के हर घर से 50 और दुकानदार को 100 रुपये देने ही होंगे।
माफी मांगने पर छोड़ा दुकानदार, आगे से होगी कार्रवाई
नगर परिषद के चेयरमैन डॉ. जोगेश्वर गुप्ता ने बताया कि यह निर्णय शहर को साफ सुथरा करने के लिए लिया है। बदसलूकी करने वाले दुकानदार ने पार्षद से माफी मांग ली है, इसलिए कोई शिकायत नहीं दर्ज करवाई है। लेकिन आने वाले दिनों में इसको लेकर सख्ती की जाएगी। पार्षदों के साथ बैठक कर लोक निर्माण विभाग की तरफ से शहर के अंदर किए जाने वाले विकास कार्यों को लेकर भी चर्चा की गई है।