सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों की शिक्षा से खिलवाड़ करने का एक और गंभीर मामला सामने आया है। रामबन तहसील के दूरदराज सरकारी हाई स्कूल धनद्राठ में शुक्रवार को नौ शिक्षकों समेत चौदह स्टाफ स्कूल से गैरहाजिर रहा। तेरह को तत्काल सस्पेंड कर दिया गया है, जबकि फिजिकल एजुकेशन टीचर को निलंबित करने के लिए सिफारिश की गई है।
जानकारी के अनुसार सीईओ मोहम्मद शरीफ चौहान ने शुक्रवार को धनद्राठ के इस हाई स्कूल में अचानक दौरा किया था। यह स्कूल तहसील मुख्यालय से काफी दूर स्थिति है। सीईओ ने मौके पर स्कूल में सिर्फ छह शिक्षक हाजिर पाए। नौ शिक्षक बिना कोई कारण बताए गैरहाजिर थे। इनमें जुगल किशोर, मोहम्मद शफीक, सुशील कुमार, संजीव कुमार, विदेश कुमार, अवधेश सिंह, सुशील, श्रीराम और विक्की राम शामिल हैं। स्कूल से दो लैब असिस्टेंट भी नदारद थे। एक जूनियर असिस्टेंट और एक चपरासी भी स्कूल में नहीं आया था। सीईओ ने इन सभी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। साथ ही कारण बताने का आदेश भी जारी किया है।
स्कूल से फिजिकल एजुकेशन शिक्षक भी गैरहाजिर था। उसे निलंबित करने समेत अन्य कार्रवाई के लिए जिला खेल अधिकारी को सिफारिश भेजी गई है। सीईओ ने कहा कि शिक्षकों को विद्यार्थियों की पढ़ाई को गंभीरता से लेना चाहिए। बिना बताए जो भी शिक्षक स्कूल से गैरहाजिर पाया जाएगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
सीईओ ने स्कूल में पहुंचकर विद्यार्थियों को उनकी शिक्षा के बारे में पूछा। उन्होंने विद्यार्थियों से कई सवाल भी किए, लेकिन अधिकतर विद्यार्थी आसान से सवालों का जवाब भी नहीं दे पाए। बताया जाता है कि विद्यार्थियों ने भी शिक्षकों के स्कूल से अक्सर गैरहाजिर रहने की बात कही है। स्कूल में विद्यार्थियों की शिक्षा का स्तर जानकर खुद सीईओ भी हैरान रह गए। उन्होंने इस मामले को बेहद गंभीरता से लिया है।