उधमपुर। तय मानक से कम विद्यार्थियों की संख्या वाले सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या बढ़ाने का समय शिक्षा विभाग ने अब दो दिन की बजाय 30 अप्रैल तक कर दिया है। अब जिले के 244 स्कूलों को 30 अप्रैल तक विद्यार्थियों की संख्या बढ़ानी होगी। अगर ऐसा नहीं हुआ तो विभाग इन स्कूलों का आपस में विलय कर देगा।
सरकारी स्कूलों में स्टाफ की कमी दूर करने को लेकर शिक्षा विभाग स्कूलों के विलय और शिक्षकों के युक्तिकरण को लेकर काम कर रहा है। कम विद्यार्थियों की संख्या वाले स्कूलों का पता लगाने के लिए विभाग ने कुछ महीने पहले सर्वे किया था। इस सर्वे में जिले में कुल 244 सरकारी स्कूल ऐसे पाए गए, जिनमें विद्यार्थियों की संख्या कम थी। सर्वे में 10 से कम विद्यार्थियों की संख्या वाले प्राथमिक, 30 से कम वाले माध्यमिक और 50 से कम वाले हाई स्कूलों का पता लगाया गया था।
इसमें करीब 50 प्राथमिक विद्यालय ऐसे थे, जिनमें विद्यार्थियों की संख्या पांच से भी कम थी। जबकि, इन स्कूलों में शिक्षकों की संख्या पूरी थी। इसी को लेकर वीरवार को जोनल शिक्षा अधिकारी भूषण कुमार ने विद्यार्थियों की कम संख्या वाले 20 प्राथमिक और चार माध्यमिक विद्यालयों को कारण बताओ नोटिस जारी किया था। कहा गया था कि अगर विद्यालय प्रशासन सही कारण नहीं दे पाया तो समस्त स्टाफ का वेतन रोक दिया जाएगा। लेकिन, शुक्रवार को इस आदेश को वापस ले लिया गया।
अब शिक्षा विभाग ने इन स्कूलों समेत 244 स्कूलों को 30 अप्रैल तक विद्यार्थियों की संख्या बढ़ाने का समय दिया है। इस बीच शिक्षक लोगों को अपने बच्चों को सरकारी स्कूलों में भर्ती करवाने के लिए प्रेरित करेंगे। 30 अप्रैल के बाद इन स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या यदि मानक के मुताबिक कम रही तो विभाग इन स्कूलों का विलय करना शुरू कर देगा।
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जेडईओ की तरफ से जारी आदेश को वापस ले लिया गया है। स्कूलों के शिक्षकों को विद्यार्थियों की संख्या बढ़ाने का समय दिया गया है। इसके बाद भी विद्यार्थियों की संख्या में बढ़ोतरी नहीं हुई तो शिक्षा विभाग इन स्कूलों के विलय और शिक्षकों के युक्तिकरण को लेकर काम शुरू करेगा।
- अरविन कुमार कौल, सीईओ, शिक्षा विभाग, उधमपुर