भद्रवाह में आयोजित अष्टमी महोत्सव
- फोटो : UDHAMPUR
भद्रवाह। कोरोना संकट के दो वर्ष बाद शनिवार को भद्रवाह में नाग संस्कृति का प्रतीक ‘अष्टमी पर्व’ धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर चिनौत स्थित चंडी माता के मंदिर में पर्व मनाने और माता का आशीर्वाद लेने सैकड़ों श्रद्धालुओं पहुंचे।
इस उत्सव में भद्रवाह और चिनाब घाटी के विभिन्न हिस्सों के अलावा प्रदेश के अन्य हिस्सों से भी भारी संख्या में भक्त शामिल हुए। इस दौरान चंडी माता मंदिर के संस्थापक गुरु कुलबीर सिंह की देखरेख में मंदिर परिसर में हवन के साथ विशेष पूजन किया गया। इस बीच दिन भर भजन कीर्तन भी चलता रहा। वहीं, मंदिर में आने वाले भक्तों ने कतार में लगकर माता के दर्शन कर परिवार की सुख शांति की कामना की। बाद में भक्तों के लिए भंडारे का भी आयोजन हुआ।
मंदिर समिति के सदस्यों ने बताया कि नवरात्र के पहले दिन से ही मंदिर में भक्तों की भीड़ लगना शुरू हो जाती है। लेकिन, आठवें नवरात्र पर अष्टमी पर्व को विशेष रूप से मनाया जाता है। इस दिन सुबह से ही भक्त मंदिर में दर्शन के लिए आना शुरू हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि करीब दो वर्ष बाद सार्वजनिक तौर पर हुए भव्य आयोजन के लिए प्रशासन ने भी सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए थे। इस पर्व का भद्रवाह की नाग संस्कृति से संबंध है।
भद्रवाह में आयोजित अष्टमी महोत्सव- फोटो : UDHAMPUR
भद्रवाह में आयोजित अष्टमी महोत्सव- फोटो : UDHAMPUR