उधमपुर। सीवरेज पाइप लाइन बिछाने का काम पूरा करने के लिए सरकार ने यूईईडी को छह महीने का समय दिया गया है। लेकिन, शहर के ज्यादातर हिस्सों में काम का विरोध किया जा रहा है, और नगर परिषद ने यूईईडी के सामने कई शर्तें रख दी हैं। ऐसे में 56 किमी सीवरेज पाइपलाइन बिछाना विभाग के लिए एक चुनौती है।
राष्ट्रीय नदी संरक्षण योजना के तहत केंद्र ने 2017 में देविका नदी को प्रदूषण मुक्त करने के लिए 190 करोड़ से अधिक राशि मंजूर की है। इस राशि से दो चरणों में काम किया जा रहा है। पहले चरण में शहर की गंदगी को देविका नदी में डालने से रोकने के लिए पूरे शहर में 123 किलोमीटर लंबी सीवरेज पाइपलाइन बिछाई जा रही है। और दूसरे चरण में देविका नदी के दोनों तटों का सौंदर्यीकरण किया जा रहा है।
ढाई वर्ष से अधिक समय से दोनों कार्य किए जा रहे हैं। इसके बाद यूईईडी अब तक शहर में कुल 67 किमी पाइपलाइन ही बिछा कर पाया है। इस काम को पूरा करने के लिए सरकार ने यूईईडी को छह महीने का समय दिया है। काम में देरी को लेकर कई बार यूईईडी को सरकार की तरफ से फटकार भी लग चुकी है।
मौजूदा समय में हालात यह हैं कि नगर परिषद ने सीवरेज पाइपलाइन बिछाने के कार्य पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा रखा है। और यूईईडी के सामने शर्त रखी है कि पहले क्षतिग्रस्त की गई सड़कों की मरम्मत की जाए, उसके बाद ही आगे का काम शुरू किया जाए। यूईईडी की तरफ से पूरे शहर में मरम्मत का काम पूरा किया जा रहा है। ऐसे हालात में यूईईडी के लिए छह महीने के अंदर शेष बची 56 किमी पाइपलाइन बिछाना बड़ी चुनौती है।
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एक सप्ताह के अंदर तारकोल डालने का काम पूरा कर लिया है। इसके बाद पार्षदों के साथ बैठक कर सीवरेज पाइपलाइन बिछाने के लिए रोड क्लोजर लिया जाएगा। रोड क्लोजर मिलने के बाद दिन रात काम किया जाएगा। शहर की तंग सड़कों व गलियों में पाइपलाइन बिछा दी गई है। अब केवल मुख्य सड़कों पर ही काम करना है। छह महीने में बिना किसी परेशानी के इस काम को पूरा कर लिया जाएगा।
- कनव केरनी, प्रोजेक्ट इंचार्ज, यूईईडी