किश्तवाड़ जिला अंतर्गत पड़ने वाले टागूद के मंजगाव से आधा किलोमीटर दूर एक जंगल में स्थित प्राचीन शिव मंदिर (रंगू देवता) में संदिग्ध हालात में आग लग गई। सनातन धर्म सभा ने आशंका जताई है कि किसी शरारती तत्व ने मंदिर को जलाया है।
एसएसपी संदीप वजीर सहित सनातन धर्म सभा के कन्वीनर राकेश परिहार और पूर्व उपप्रधान बालकृष्ण परिहार ने मौके पर जाकर देखा ओर इस घटना की गंभीरता से जांच करने को कहा।
जानकारी के अनुसार सोमवार की देर शाम को इस मंदिर में आग लगाए जाने की पास के ग्रामीणों को सूचना मिली। गांव के काफी लोग मौके पर पहुंचे और आग बुझाने का काम शुरू किया। लेकिन मंदिर जलकर राख हो गया।
दरअसल, यह प्राचीन मंदिर लकड़ी से छह वर्ग फुट में बना हुआ था। इसके कारण इसे जलने में अधिक समय नहीं लगा। गांव वासियों का कहना है कि यह मंदिर प्राचीन है। इसमें मात्र त्रिशूल रखे हुए थे।
यहां पर कभी-कभी ही गांव के लोग पूजा-अर्चना करते थे। इस घटना के बाद गांव वासियों में काफी गुस्सा था। सनातन धर्म सभा के लोगों ने पुलिस से इस मामले की निष्पक्ष जांच कर आग लगाने के दोषी लोगों पर सख्त कार्रवाई की मांग की।
बता दें कि इससे पहले पिछले वर्ष 14 दिसंबर की शाम को मुगल मैदान मेें एक मंदिर को जलाया गया था। लोगों ने अभी उसे भुलाया भी नहीं था कि यह दूसरी घटना हुई।