कांग्रेस से लगातार इस्तीफा देने के बाद पार्टी कार्यकर्ता असमंजस की स्थिति में हैं। इस बीच प्रदेश अध्यक्ष गुलाम अहमद मीर ने कहा कि उधमपुर में कुछ कांग्रेस नेताओं के पद से इस्तीफा देने की जानकारी मिली है। इस्तीफा देने वाले छिटपुट नेता हैं। पद मिलने के बाद इन की तरफ से कांग्रेस के लिए कुछ नहीं किया गया। इनसे पूछा जाए कि आज तक पार्टी के लिए कौन सी एक्टिविटी की है। इन्होंने इस्तीफा देकर केवल राजनीति को चमकाने का प्रयास किया है।
प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष गुलाम अहमद मीर ने उधमपुर दौरे के दौरान प्रेसवार्ता के दौरान कही। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने जन जागरण अभियान शुरू किया है। देश के विभिन्न मुद्दों को लेकर लोगों को जागरूक किया जा रहा है। मोदी सरकार में लोगों को बोलने का हक नहीं है। किसान, दुकानदार, व्यापारी, विद्यार्थी, बेरोजगार युवा जो भी सरकार के खिलाफ बोलना चाहता है, उसका मुंह बंद करने का प्रयास किया जा रहा है।
इसलिए देश व प्रदेश के हालात को लेकर कांग्रेस ने मंच तैयार किया है। परेशान लोगों को इस मंच पर अपनी बात रखने का मौका दिया जा रहा है। कांग्रेस सबसे पुरानी पार्टी है और आज भी लोगों की परेशानी को दूर करने के लिए काम कर रही है। जन जागरण अभियान के दौरे 29 नवंबर तक पूरे प्रदेश में चलते रहेंगे।
मीर ने कहा कि किसानों के कानून को 15 महीने के बाद वापस लिया गया है। 15 महीने पहले जब इस कानून को पारित किया गया था तो संसद में राहुल गांधी ने उसी दिन कहा था कि यह कानून किसानों की इच्छा के बिना तैयार किया गया है एक दिन इस कानून को लेना पड़ेगा। 15 महीने के बाद भाजपा रास्ते पर आई है और कानून को वापस लिया, लेकिन इस दौरान करीब 600 किसानों की जान चली गई और काफी नुकसान झेलना पड़ा है।
इसी तरह से जम्मू-कश्मीर के लोगों को अनुच्छेद 370 को हटाकर सदमा पहुंचाया गया है। उनकी पहचान को पहचान को खत्म करने का प्रयास किया गया है। इसको भी एक दिन सरकार को वापस लाना होगा।