डोडा। तीन साल पहले मनरेगा के तहत काम कर चुके मजदूरों को अब तक मजदूरी नहीं मिलने पर भड़के मजदूरों का प्रदर्शन गंदोह में उग्र हो गया। करीब 500 लोगों ने सामाजिक कार्यकर्ता फारूक अहमद डार के नेतृत्व में सोमवार को धरना-प्रदर्शन शुरू किया। मंगलवार तड़के मामला भड़क गया। चौदह लोगों को पुलिस ने हिरासत में लिया।
प्रदर्शनकारी पुलिस पर लाठीचार्ज करने का आरोप लगा रहे हैं। सोमवार को भारी संख्या में मजदूरों ने मजदूरी का भुगतान करने की मांग पर बीडीओ गंदोह के कार्यालय के बाहर धरना प्रदर्शन शुरू किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए एडीउी सुशील कुमार और एसडीएम गंदोह मौके पर पहुंचे और लोगों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन किसी ने एक नहीं मानी।
स्थानीय लोगों के अनुसार पुलिस ने मंगलवार तड़के चार बजे जब कुछ लोग नमाज पढ़ने चले गए तो प्रदर्शनकारियों की संख्या कम देखकर पुलिस ने यहां से सभी को उठाने का प्रयास किया। इस दौरान पुलिस ने लाठियां भांजनी शुरू कर दी और फारूक डार समेत चौदह लोगों को हिरासत में लेकर धारा 144 लगा दिया गया।
दूसरी ओर पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मंगलवार तड़के प्रदर्शनकारी बीडीओ कार्यालय में तोड़-फोड़ करने का प्रयास किया। इसलिए एहतियात के तौर पर कुछ लोगों को हिरासत में लिया गया। लाठीचार्ज का आरोप गलत है। इस मामले की गंभरता को देखते हुए डीसी भूपिंद्र कुमार ने चार सदस्यीय कमेटी का गठन कर जांच के आदेश जारी कर दिए।