उधमपुर: देविका नदी में पड़ी गंदगी तथा जिस जगह पर आरती की जाती है वहां पर लगे गंदगी के ढेर.
- फोटो : UDHAMPUR
उधमपुर। राष्ट्रीय नदी संरक्षण योजना के तहत करोड़ों रुपये खर्च करने के बाद भी देविका नदी प्रदूषण मुक्त होती नजर नहीं आ रही है। इससे स्थानीय लोग देविका परियोजना पर सवाल उठा रहे हैं। शुक्रवार को लोगों ने नदी में जब कचरा बहते देखा तो उन्होंने अपना रोष जाहिर किया।
देविका नदी को प्रदूषण मुक्त बनाने को लेकर केंद्र की तरफ से मंजूर 187 करोड़ रुपये से तीन वर्षों से काम किया जा रहा है। इस राशि से देविका का सौंदर्यीकरण कर दिया गया, और शहर में 124 किलोमीटर लंबी सीवरेज पाइप लाइन बिछाई जा रही है। लेकिन, अभी तक देविका में डाली जा रही गंदगी व दूषित पानी को रोकने को लेकर कोई योजना तैयार नहीं की गई है। इसका परिणाम है कि नदी का पानी प्रतिदिन दूषित होता जा रहा है।
देविका आर्मी ने वीरवार को नदी से गंदगी को बाहर निकाल कर किनारे पर रखा। फिर भी नदी में शराब की बोतलें तैरती नजर आ रही थीं। शुक्रवार को देविका नदी के अंदर व बाहर गंदगी को देखकर शहरवासी भड़क गए, और इसका विरोध करने लगे। सुमित मगोत्रा व अन्य शहरवासियों ने कहा कि देविका परियोजना का काम समझ नहीं आ रहा है। 187 करोड़ में से 12 करोड़ रुपये में घाट का सौंदर्यीकरण किया गया है। लेकिन, देविका नदी के पानी को साफ करने के लिए कुछ नहीं किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि शहर के ज्यादातर नाले देविका नदी में गिर रहे हैं। इन नालों का पानी देविका में जाने से रोकने के लिए कोई योजना नहीं है। इसी कारण देविका नदी दिन प्रतिदिन दूषित होती जा रही है। सीवरेज पाइप लाइन बिछने के बाद भी देविका प्रदूषण मुक्त नहीं होगी। देविका परियोजना का कार्य बिना किसी योजना के किया गया है। प्रशासन व नगर परिषद भी नदी की सफाई को लेकर कुछ नहीं कर रही है। जिस दिन देविका नदी स्नान करने लायक हो जाएगी, उस दिन इसको प्रदूषण मुक्त माना जाएगा। लेकिन, मौजूदा हालात तो बहुत खराब हैं।
उधमपुर: देविका नदी में पड़ी गंदगी तथा जिस जगह पर आरती की जाती है वहां पर लगे गंदगी के ढेर.- फोटो : UDHAMPUR