उधमपुर। शहर में एक तरफ जहां पानी की किल्लत से हलक सूख रहे हैं, तो वहीं दूसरी तरफ विभिन्न जगहों पर जलशक्ति विभाग की पाइपें क्षतिग्रस्त होने से सड़कें लबालब हो रही हैं। पाइपों की मरम्मत न होने से पानी की किल्लत बड़ी समस्या बनती जा रही है। हालात यह है कि शहर के ज्यादातर इलाकों में अब लोगों को सप्ताह में तीन या फिर चार दिन ही पानी की सप्लाई मिल पा रही है।
जिले में बिजली संकट बढ़ने के साथ ही पानी का संकट भी बढ़ गया है। शहर में पानी की सप्लाई देने के लिए दो फिल्ट्रेशन प्लांट हैं। इनसे जलशक्ति विभाग को कुल 38 लाख गैलन पानी मिलता है और इसको शहर के विभिन्न हिस्सों में सप्लाई किया जाता है।
शहर की एक लाख की आबादी को 54 लाख से अधिक गैलन पानी की जरूरत है। शहर को कई वर्षों से 16 लाख गैलन कम पानी मिल रहा है। वहीं जब से बिजली कटौती शुरू हुई है, तब से यह कमी 20 लाख गैलन पानी से भी अधिक बढ़ गई है। इसी कारण जलशक्ति विभाग शहर में हर रोज कटौती कर पानी की सप्लाई दे रहा है।
40 साल पुरानी पाइपों से पानी की सप्लाई
पानी की कमी का एक बड़ा कारण जलशक्ति विभाग की क्षतिग्रस्त पाइपें और वाल्व हैं। शहर के अंदर करीब 40 वर्ष पुरानी पाइपों से पानी की सप्लाई दी जा रही है। मौजूदा समय में यह पाइपें क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं। इनसे हमेशा पानी बेकार बहता रहता है। इसी तरह से पानी की सप्लाई देने के लिए लगाए गए वाल्व भी कई वर्ष पुराने और बदहाल हैं। इनके कारण पानी बेकार बहता रहता है। विभाग की तरफ से इन पाइपों की मरम्मत व बदलने को लेकर ज्यादा प्रयास नहीं किए गए हैं।
सीवरेज पाइप लाइन बिछाने से भी बदहाल हुईं पाइपें
जलशक्ति विभाग की परेशानी को सीवरेज विभाग ने दोगुना कर दिया है। करीब डेढ़ वर्ष से शहर में सीवरेज पाइप लाइन बिछाने का काम किया जा रहा है। सड़कों व गलियों के बीच में खोदाई की जा रही है। इस दौरान पाइपें क्षतिग्रस्त हो रही हैं। वहीं ठेकेदार की तरफ से औपचारिकता के लिए ही मरम्मत की जा रही है। इससे जलशक्ति विभाग को बहुत नुकसान हो रहा है। सीवरेज पाइप लाइन जहां भी बिछाई जा रही है, वहां महीनों तक लोगों को जरूरत अनुसार पानी नहीं मिल पा रहा है। पानी भी सड़कों पर बेकार बहता रहता है।
शहर में लीकेज की परेशानी को दूर करने को लेकर काम किया जा रहा है। इस परेशानी को दूर करने को लेकर एक बैठक भी की है। जल्द लीकेज वाले स्थानों की पहचान कर मरम्मत का काम किया जाएगा। पानी की सप्लाई में सुधार को लेकर हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं।
- ताज चौधरी, एक्सईएन, जलशक्ति विभाग