प्रसिद्ध पर्यटन स्थल पटनीटॉप पहुंचे सैलानी भी कमरों में कैद, बाजारों में पसरा सन्नाटा
उधमपुर/चिनैनी/किश्तवाड़। पश्चिमी विक्षोभ के कारण शनिवार को पूरे संभाग में मौसम के बिगड़े मिजाज ने सामान्य जनजीवन की रफ्तार पर ब्रेक लगा दी। लगातार दूसरे दिन जारी मूसलाधार बारिश और ऊंचे पहाड़ों पर हुई बर्फबारी के कारण चिनैनी, किश्तवाड़ और उधमपुर के कई दूरदराज इलाकों में स्कूलों को एहतियातन बंद रखना पड़ा। कड़ाके की ठंड और नालों में आए उफान के बीच लोग घरों में दुबकने को मजबूर हो गए। कई इलाकों में 24 घंटे तक बिजली गुल रहने से अंधेरा छाया रहा।
चिनैनी शिक्षा जोन के अंतर्गत आने वाले लगभग 200 स्कूलों में ताले लटके रहे। जेके बोस के तहत इन शिक्षण संस्थानों को खराब मौसम के चलते बंद करने का निर्णय लिया गया। हालांकि सूचना के अभाव में ग्रामीण क्षेत्रों से कई बच्चे सुबह स्कूलों के लिए निकल पड़े थे जिन्हें भारी बारिश के बीच भीगते हुए घर लौटना पड़ा।
जेडईपीओ कुलदीप सिंह के अनुसार शुक्रवार रात को छुट्टी का आदेश मिलते ही सभी स्कूलों को सूचित कर दिया था। बारिश इतनी तेज थी कि चिनैनी और आसपास के बाजारों में सन्नाटा पसरा रहा। तापमान में भारी गिरावट के कारण ऊंची चोटियों पर रहने वाले लोगों ने अलाव का सहारा लिया। वहीं, प्रसिद्ध पर्यटन स्थल पटनीटॉप पहुंचे सैलानी भी कमरों में ही कैद रहे और वहीं से देवदारों के बीच हो रही बारिश का आनंद लिया।
ताजा बर्फबारी से शीतलहर की चपेट में घाटी
किश्तवाड़ में सुबह से ही झमाझम बारिश का सिलसिला जारी रहा। जिला उपायुक्त के निर्देशों पर मुख्य शिक्षा अधिकारी संजय डोगरा ने तड़के ही आदेश जारी कर सभी सरकारी व निजी स्कूलों को बंद रखने का निर्देश दिया। ऊपरी हिस्सों में ताजा बर्फबारी से पूरी घाटी शीतलहर की चपेट में है। प्रशासन ने भूस्खलन की आशंका को देखते हुए लोगों को अनावश्यक यात्रा न करने और नदी-नालों से दूर रहने की सख्त हिदायत दी है।
धरमथल में चरमराई व्यवस्था
खराब मौसम का सबसे बुरा असर बिजली आपूर्ति पर पड़ा है। धरमथल में शुक्रवार दोपहर से गुल हुई बिजली अगली दोपहर बाद ही बहाल हो पाई। पूर्व नायब सरपंच राजीव कुमार ने रोष जताते हुए कहा कि पुरानी लाइनों के कारण हवा चलते ही बिजली कट जाती है जिससे लोगों को दीये की रोशनी में खाना खाना पड़ रहा है। बिजली विभाग के अधिकारी इनाम उल हक मलिक ने आश्वासन दिया है कि लाइनों की मरम्मत के लिए प्रस्ताव भेजा गया है और जल्द ही नया रिसीविंग स्टेशन बनने से समस्या हल होगी।
किसानों की बढ़ी धड़कनें
उधमपुर के पंचैरी-मौंगरी और डूडू-बसंतगढ़ जैसे इलाकों में भी मौसम ने तबाही मचाई है। 10 अप्रैल तक मौसम खराब रहने के पूर्वानुमान ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। कटाई के लिए तैयार गेहूं की फसल खेतों में बिछने लगी है। हालांकि कृषि विभाग ने भारी नुकसान से इनकार किया है लेकिन किसानों को जल निकासी के प्रबंध करने की सलाह दी है।
अनावश्यक यात्रा से बचें, उबला पानी पीएं
जिला प्रशासन ने नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी की है। इसमें बताया है कि आने वाले दिनों में हल्की से मध्यम वर्षा के साथ गरज-चमक, ओलावृष्टि और तेज हवाएं चलने की संभावना है। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में भारी वर्षा या बर्फबारी हो सकती है। लोगों को भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने तथा अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है।
जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग सहित अन्य पहाड़ी मार्गों पर यात्रा से पहले मौसम और सड़क की स्थिति की जानकारी जरूर लें। भूस्खलन, पत्थर गिरने और कीचड़ के कारण यातायात बाधित हो सकता है इसलिए वाहन चालकों को सतर्कता के साथ वाहन चलाने और वैकल्पिक मार्ग अपनाने की सलाह दी गई है। स्वास्थ्य विभाग ने भी बदलते मौसम को देखते हुए लोगों को सचेत किया है। विभाग के अनुसार वायरल संक्रमण, गले और श्वसन संबंधी बीमारियों का खतरा अधिक है। इसलिए स्वच्छता बनाए रखें। भीड़भाड़ से बचें। उबला या फिल्टर पानी पीएं।