बिजली विभाग कैजुअल लेबर एसोसिएशन ने शनिवार को विभाग के कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि भाजपा-पीडीपी सरकार कर्मचारी विरोधी साबित हुई है। वर्तमान प्रधानमंत्री ने चुनाव से पहले अच्छे दिन लाने का वादा किया था, लेकिन मजदूरों कर्मचारियों के तो सबसे बुरे दिन आए हैं।
36 माह से कैजुअल वर्कर्स को वेतन नहीं मिला। आज हालत यह है कि उनके घरों में रोज चूल्हा नहीं जलता। ऐसे में भाजपा किस मुंह से गरीबों के लिए अच्छे दिन लाने की बात कह रही है। प्रदर्शन की अगुवाई गोपाल दुबे ने की। उन्होंने कहा कि बिजली विभाग द्वारा जी जान से काम कर रहे कर्मचारियों का वर्षों से शोषण किया जा रहा है।
डेलीवेजरों व कैजुअल वर्कर्स को पिछले 36 माह से वेतन तक नहीं दिया गया है। इसके कारण गरीब कर्मचारियों के लिए परिवार को भरण-पोषण तक असंभव हो गया है। कई कर्मचारी तो ऐसे हैं जो पिछले कई माह से अपने बच्चों के स्कूलों की फीस तक नहीं भर पाए हैं। ऐसे में स्कूलों द्वार बच्चों को स्कूल की फीस देने या फिर स्कूल से नाम काटने को कहा गया है।
दुबे ने कहा कि न तो विभाग द्वारा कर्मचारियों को वेतन दिया जा रहा है। न ही केजुअल लेबर को डेलीवेजर बनाया जा रहा है। उन्होंने विभाग के अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जल्द उनका वेतन नहीं दिया गया तो वह भी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे।