उधमपुर। कघोट बस हादसे के बाद सड़कों पर सख्ती का असर दिखने लगा है। प्रशासन की ओर से जगह-जगह नाके लगाकर लापरवाहों पर शिकंजा कसा जा रहा है। दूसरी ओर ग्रामीण इलाकों में परेशानियां ओवरलोड हो चुकी हैं। सार्वजनिक परिवहन की नाममात्र सुविधा के कारण लोग घर जाने के लिए भटक रहे है। हालात इस हद तक खराब हो गए हैं कि वाहन चालक सवारियों को ले जाने में आनाकानी कर रहे हैं। वे शादी के सीजन का हवाला देकर कम दूरी के इलाकों के लोगों को नहीं बिठा रहे जिससे परिवहन व्यवस्था प्रभावित हो रही है।
मुख्य बस अड्डा और मिनी बस स्टॉप पर यात्रियों को घंटों इंतजार करना पड़ रहा है, फिर भी उन्हें गंतव्य तक जाने के लिए समय पर वाहन उपलब्ध नहीं हो पा रहे हैं। शुक्रवार को तनाल, जगानू, घोरड़ी-बरमीन, लद्दा, पट्ठी और पंगारा जैसे ग्रामीण क्षेत्रों के यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। जरूरी काम के लिए घरों से निकले लोगों को अत्यधिक परेशानी उठानी पड़ी। यात्रियों का कहना था कि कघोट बस हादसे के बाद अचानक से वाहनों की कमी हो गई है। बस अड्डे पर भी वाहन कम नजर आ रहे हैं।
देसराज ने बताया कि दोपहर बाद बस अड्डे पर घोरड़ी के लिए कोई बस नहीं होती। इससे पहले शाम तक तीन से चार गाड़ियां संचालित होती थीं। इस स्थिति में घर पहुंचना कठिन हो गया है और होटल में ठहरना महंगा साबित हो रहा है।
पंचैरी के लद्दा धार जाने के लिए बस का इंतजार कर रहे सुनील सिंह ने बताया कि कोई वाहन नहीं मिल रहा है। देर शाम घर लौटने के लिए जंगल से गुजरना पड़ रहा है जहां जंगली जानवरों का खतरा बना रहता है। इस संबंध में बस यूनियन के अध्यक्ष रशपाल सिंह ने कहा कि वाहनों की कोई कमी नहीं है लेकिन शादी सीजन के कारण कुछ गाड़ियां व्यस्त हैं जो एक या दो दिन में वापस आ जाएंगी।
शिकायत मिलते ही वाहनों की वैकल्पिक व्यवस्था करवाई
शिकायत मिलने पर एआरटीओ मुदस्सिर इकबाल बस अड्डे पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने चालकों को ट्रैफिक नियमों का पालन करते हुए ईमानदारी से कार्य करने की सलाह दी। साथ ही कुछ यात्रियों के लिए वाहनों की वैकल्पिक व्यवस्था भी करवाई। उन्होंने आश्वासन दिया कि विभाग स्थिति की समीक्षा कर रहा है। अगर जरूरत पड़ी तो आवश्यकतानुसार वाहनों की संख्या बढ़ाई जाएगी। इस बीच उन्होंने ट्रांसपोर्ट यूनियन की समस्याएं सुनी। आश्वासन दिया कि अगर किसी गाड़ी में मजबूरी में एक या दो सवारियां अतिरिक्त मिलती हैं तो चालान नहीं काटा जाएगा।