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जमीनी स्तर पर कार्य न होने से नाराज अधिकारियों ने किया बैठक का बहिष्कार

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किश्तवाड़। डीडीसी अध्यक्ष पूजा ठाकुर ने जिला प्रशासन पर रोष जताते हुए मंगलवार को मिनी सचिवालय में हुई विकास कार्यों की बैठक का बहिष्कार कर दिया। उनका कहना था कि जमीनी स्तर पर कोई काम होता नहीं तो बैठक का क्या लाभ?
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जानकारी के अनुसार जिला प्रशासन ने विकास कार्यों को लेकर एक बैठक बुलाई थी, जिसमें डीडीसी अध्यक्ष, उपाध्यक्ष सहित अन्य सभी सदस्यों व बीडीसी को बुलाया गया था। एडीडीसी बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक के दौरान इन सभी लोगों ने बैठक का बहिष्कार कर दिया। भवन से बाहर निकलते ही सभी लोग मीडिया से रूबरू हुए, और रोष दर्ज किया।
डीडीसी अध्यक्ष ने कहा कि बार-बार बैठक में बुलाया जाता है, परंतु जमीन पर कोई काम नहीं किया जाता। लोग पानी, बिजली, राशन सहित अन्य समस्याओं से परेशान हैं। मनरेगा का बकाया काम नहीं किया जा रहा है। मजदूरों को उनकी मजदूरी नहीं दी जा रही है। एक वर्ष होने को है, हर बैठक में वही बातें वही विषय दोहराए जाते हैं। कहा जाता है कि फंड नहीं है। हालांकि, फंड पड़े हैं, वह भी नहीं दिए जा रहे हैं।
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जिला प्रशासन पर भड़क कर डीडीसी अध्यक्ष बोलीं कि तुम होते कौन हो हमारा प्रोटोकॉल बनाने वालेे? हमारा प्रोटोकॉल देश के संविधान के तहत बना है। हमें परेशान किया जा रहा है। मात्र दिखावे के लिए हमें रखा गया है। गरीब समस्याओं को लेकर रो रहे होते हैं। उनके सामने हम क्या मुंह लेकर जाएंगे? जब काम ही नहीं हो रहा है। अब हम सभी मिलकर उपराज्यपाल से इस संबंध में शिकायत करेंगे।
उसी प्रकार उपाध्यक्ष साईमा परवीन लोन ने कहा कि बैठक में हर बार पुराने ही मामले रहते हैं। दो मिनट भी बोलने नहीं दिया जाता। जब भी अपनी कुछ मांगों को लेकर बात करनी चाही, कुछ मुद्दों पर बोलना चाहा, उस समय कोविड का बहाना बनाया जा रहा है। उपायुक्त भी बीमारी का बहाना कर यहां से चले गए। बैठक में शामिल नहीं हुए।
इसी तरह पलमाड़ से बीडीसी अध्यक्षा व ठाकराई के बीडीसी अध्यक्ष ने कहा कि दो वर्ष से मात्र बैठकें कर रहे हैं। जमीनी स्तर पर कोई काम नहीं कर पाते हैं। बीडीसी अध्यक्ष किशोरी लाल ने कहा जल्द सड़कों पर उतरेंगे। लोगों के सामने जाना कठिन हो रहा है। जिला प्रशासन पंचायती राज को समाप्त करना चाहते हैं, असफल करार देना चाहते हैं।
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