उधमपुर। उधमपुर ग्रिड स्टेशन को जिला प्रशासन ने सेना को सौंप दिया है। रविवार देर रात को ही मिलिट्री इंजीनियर सर्विस की टीम ग्रिड स्टेशन पर पहुंची और पूरे स्टेशन का कामकाज संभाल लिया। इस दौरान अंदर तैनात कर्मचारियों को बाहर कर दिया गया। वहीं ग्रिड स्टेशन के कर्मचारियों ने ग्रिड के बाहर धरना-प्रदर्शन जारी रखा। कर्मचारियों का कहना है कि अब अगर कोई खराबी होती है, तो इसकी जिम्मेदारी जिला प्रशासन और सेना की होगी। जब तक मांगें पूरी नहीं की जाती हैं, तब तक इसी तरह से धरना प्रदर्शन जारी रहेंगे।
जानकारी के अनुसार रविवार देर रात करीब 11 बजे मिलिट्री इंजीनियरिंग सर्विस की एक टीम ग्रिड स्टेशन में पहुंची और अंदर का सारा काम संभाल लिया। ग्रिड स्टेशन के अधिकारी व कर्मचारियों से लॉग बुक ले ली गई और उनको कमरे से बाहर कर दिया गया। इसके बाद सेना ने बिजली सेवा को बहाल करने का काम शुरू कर दिया। कुछ स्थानों पर बिजली बहाल करने में कामयाबी भी मिल गई। वहीं ग्रिड स्टेशन के कर्मचारियों ने बाहर अपना प्रदर्शन जारी रखा।
कोई कागजी कार्रवाई नहीं की गई
असिस्टेंट इंजीनियर नीरू गुप्ता ने बताया कि रात के समय प्रशासन ने पूूरा काम अपने हाथ ले लिया है और इसके लिए कोई कागजी कार्रवाई भी नहीं की गई है। बिजली कर्मचारियों ने जानबूझ कर किसी स्थान पर बिजली को बंद नहीं किया है। जिन स्थानों पर बिजली बंद हुई है, वह तकनीकी खामी के कारण हुई है। अब जो भी खराबी होती है, तो इसके लिए प्रशासन जिम्मेदार होगा।
मांगों को किया जा रहा नजरअंदाज
प्रदर्शनकारी कर्मचारियों ने कहा कि सरकार की तरफ से उनकी मांगों को पूरी तरह से नजरअंदाज किया जा रहा है। उनके वेतन को लेकर स्थिति को स्पष्ट नहीं किया जा रहा है। सरकार की तरफ से हर रोज नए बहाने बनाए जा रहे हैं। हड़ताल से आम आदमी परेशान है और इसके लिए बिजली विभाग के कर्मचारियों को भी दुख है। लेकिन उनके लिए हड़ताल करना मजबूरी बन गया है।