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पंचायती राज एक्ट को लेकर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डालसा) ने किया जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन

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भद्रवाह। डिस्ट्रिक्ट लीगल सर्विस अथॉरिटी (डालसा) भद्रवाह ने ग्रामीण विकास विभाग के सहयोग से बीडीओ कार्यालय परिसर में एक कार्यक्रम का आयोजन हुआ। इसमें पंचायती राज अधिनियम विषय पर जागरूक किया गया।
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जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष और सचिव (उप न्यायाधीश) की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यक्रम में बीडीसी अध्यक्ष ओमी चंद मुख्यातिथि थे। जबकि बीडीओ भद्रवाह सुनील कुमार सम्मानित अतिथि के रूप में मौजूद रहे।
कार्यक्रम में बतौर रिसोर्स पर्सन मौजूद एडवोकेट मोहम्मद माजिद मलिक ने कहा कि हाल ही में गृह मंत्रालय ने जम्मू-कश्मीर पंचायती राज अधिनियम, 1989 में संशोधन किया है, जिसमें पंचों और सरपंचों को मानदेय के भुगतान की आवश्यकता के प्रावधान को छोड़ दिया गया है। संशोधित कानून में यह भी कहा गया है कि क्षेत्र पंचायत को हर साल अपने खातों का चार्टर्ड एकाउंटेंट से ऑडिट कराना होगा।
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उन्होंने कहा कि 1989 के अधिनियम के संशोधित प्रावधान कहते हैं कि क्षेत्र पंचायत कर्तव्यों को पूरा करने के लिए आवश्यक कर्मचारियों को नियुक्त कर सकती है। इसके तहत नगर पालिका या नगर निगम के रूप में नामित क्षेत्रों को छोड़कर पूरे जिले पर डीडीसी का अधिकार क्षेत्र होगा। प्रत्येक जिले को निकाय के लिए सदस्यों का चुनाव करने के लिए 14 क्षेत्रीय निर्वाचन क्षेत्रों में विभाजित किया जाएगा।
माजिद मलिक ने जानकारी दी कि जिला विकास परिषद की बैठक में डीडीसी के सभी सदस्य चाहे सीधे चुनाव से निर्वाचित हों या नहीं, उन्हें जिला विकास परिषद की बैठक में वोट देने का अधिकार होगा। लेकिन, विधायकों को चुनाव या हटाने के मामले में मतदान का अधिकार नहीं होगा। अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के रूप में केवल प्रत्यक्ष निर्वाचित सदस्यों को ही मतदान का अधिकार होगा।
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