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आस्था के नाम पर कचरा फैलाने वालों को माननी होंगी नप की शर्तें

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उधमपुर। नगर परिषद ने शहर के अंदर सार्वजनिक स्थलों पर बिना अनुमति भंडारों के आयोजनों पर रोक लगा दी है। नप ने यह निर्णय ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम के तहत शहर में सफाई व्यवस्था चौकस रखने के लिए लिया है।
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अब किसी भी भंडारे का आयोजन करने से पहले श्रद्धालुओं को नप से अनुमति लेनी होगी। अगर कोई भक्त बिना नप की अनुमति के भंडारे का आयोजन करता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। पिछले दिनों महाशिवरात्रि के अवसर पर शहर के विभिन्न हिस्सों में भंडारों का आयोजन किया गया, जिसमें हजारों लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया। ज्यादातर भंडारे सार्वजनिक स्थलों पर ही तैयार किए गए और इन्हीं स्थानों पर वितरित भी किए गए।
करोड़ों की लागत से तैयार देविका घाट पर भी कुछ भंडारों का आयोजन किया गया था। इनमें भी हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। श्रद्धालुओं को प्रसाद एक बार इस्तेमाल कर फेंके जाने वाले बर्तनों में दिया गया। इन भंडारों में प्रसाद खाने वाले लोगों ने प्रसाद ग्रहण कर अपनी प्लेटें इधर उधर फेंक दीं। महाशिवरात्रि की शाम तक पूरा शहर गंदगी से भर गया था। दूसरे दिन नप को शहर की सफाई करने में कड़ी मशक्कत करनी पड़ी।
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सबसे अधिक बुरी हालत देविका घाट की थी। इसकी सफाई करने में तो सफाई कर्मचारियों को घंटों लग गए। इसी को लेकर अब नगर परिषद ने निर्णय लिया है कि भंडारे का आयोजन करने से पहले लोगों को नगर परिषद से अनुमति लेगी होगी। नप की तरफ से कुछ शर्तें भंडारे का आयोजन करवाने वाले के सामने रखी जाएंगी। उन शर्तों को मानने पर ही लोगों को लंगर लगाने की अनुमति दी जाएगी।
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नगर परिषद ने सार्वजनिक स्थलों पर भंडारे के आयोजनों पर रोक नहीं लगाई गई। इसके लिए अब कुछ नियम तैयार किए गए हैं। अब भंडारा लगाने वाले को ही कचरा उठाने व सफाई व्यवस्था का भी प्रबंध करना होगा। भंडारे के दौरान मौके पर कूड़ेदान की व्यवस्था करनी होगी। नियमों का पालन करने पर ही भंडारे का आयोजन करने की अनुमति दी जाएगी।
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- अमित चौधरी, सीईओ, नगर परिषद उधमपुर
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