रामनगर। रामनगर अस्पताल में एंबुलेंस की कमी के कारण बस हादसे के घायलों को अस्पताल तक पहुंचाने में दिक्कतें आईं। रामनगर के लोगों ने इसको लेकर स्वास्थ्य विभाग के प्रति रोष प्रकट किया। स्थानीय निवासियों का कहना था कि रामनगर अस्पताल में सिर्फ दो एंबुलेंस हैं, जबकि इनकी संख्या कम से कम पांच होनी चाहिए।
हादसे की जानकारी होने पर रामनगर अस्पताल से दो एंबुलेंस को मौके पर रवाना किया गया, लेकिन 50 घायलों को दो एंबुलेंस के जरिये अस्पताल पहुंचाना संभव नहीं था। इसलिए पुलिस ने अपने वाहनों के साथ मौके से गुजर रहे वाहनों की मदद ली। इस बारे में जब रामनगर के निवासियों को पता चला, तो उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के प्रति रोष प्रकट किया।
वार्ड नंबर तीन के पार्षद संजीव जंडियाल व अन्य ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग को हालात को देखते हुए आसपास मौजूद पीएचसी से भी एंबुलेंस को रवाना करना चाहिए था। लेकिन ऐसा नहीं किया गया। वहीं, विभाग की तरफ से रामनगर अस्पताल में एंबुलेंस की संख्या को बढ़ाया नहीं गया है।
इस अस्पताल पर हजारों की आबादी निर्भर है। यहां कम से कम पांच एंबुलेंस की जरूरत है। इसके बारे में कई बार सीएमओ सहित कई अधिकारियों को अवगत करवाया गया, लेकिन किसी ने भी गंभीरता नहीं दिखाई। जब भी रामनगर में कोई बड़ा हादसा होता है, तो एंबुलेंस की कमी के कारण घायलों को अस्पताल पहुंचाना मुश्किल होता है।
जो भी वाहन नजर आया उसमें बैठाकर घायलों को भेजा
हादसे की सूचना मिलने के बाद रामनगर से दो एंबुलेंस को भेजा गया। पुलिस व स्थानीय निवासियों को जो भी वाहन मौके से गुजरता नजर आया, उसमें घायलों को बैठाकर रामनगर अस्पताल भेजा। स्वास्थ्य विभाग की तरफ से भेजी गई दो एंबुलेंस में सभी घायलों को अस्पताल पहुंचाया संभव नहीं था। इसलिए मार्ग पर गुजर रहे वाहनों की मदद ली गई। जिला अस्पताल पहुंचे घायलों का उपचार शुरू किया गया, तो डाक्टरों ने दो घायलों को मृत घोषित कर दिया, जबकि 56 घायलों का उपचार किया गया। प्राथमिक उपचार के बाद हालत में सुधार न होने पर 15 घायलों को जिला अस्पताल उधमपुर रेफर कर दिया। बाकी के घायल रामनगर में ही उपचाराधीन हैं।