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अचानक तवी में आए उफान से चार बहे, दो को बचाया

Sat, 19 Mar 2016 08:49 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/जम्मू

सार

  • वायुसेना और एसडीआरएफ की टीमें तलाश में जुटीं
  • छह को सकुशल बचाया गया
  • एक लापता महिला थी आठ माह की गर्भवती
  • बहादुर युवक इम्तियाज ने नदी में कुदकर दो लोगों को बचाया
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तवी नदी में अचानक आया उफान - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
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पहाड़ों से आए पानी से अचानक उफनी तवी नदी में शनिवार को दो बहनें बह गईं। इनमें एक आठ माह की गर्भवती है। इम्तियाज नाम के एक बहादुर युवक ने अपनी जान पर खेलकर इन्हीं के परिवार के दो लोगों की जान बचा ली। चार अन्य लोगों को भी सकुशल निकाल लिया गया। तेज बहाव में बही बहनों की तलाश में जुटी वायुसेना और एसडीआरएफ की टीमों को अभी तक कोई कामयाबी हाथ नहीं लगी है।
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बहाव की चपेट में आया परिवार खानाबदोश है। बताया गया है कि ये शनिवार को ही लुधियाना से जम्मू पहुंचे थे। तवी किनारे उनके कुछ रिश्तेदार पहले से तंबू लगाकर रह रहे थे। यहां सामान रखने के बाद चारों तवी किनारे (प्रेम नगर के पास) नहाने और कपड़े धोने के लिए तवी नदी पर पहुंचे। तब नदी में पानी बहुत कम था।

अचानक ही नदी में तेज बहाव के साथ पानी बढ़ने लगा। यह सब इतना अचानक हुआ कि संभलने का भी मौका नहीं मिला। लक्ष्मी (25) और उसकी छोटी बहन कट्टी (15) अचानक नियंत्रण खोकर लहरों में चली गईं। लक्ष्मी के भाई माल्या (10 ) और पति यलप्पा (25) ने उन्हें बचाने के लिए तवी में छलांग लगा दी। लेकिन बहाव तेज होने के कारण वे भी बहने लगे। इस दौरान यलप्पा और माल्या मदद के चीखने लगे, जबकि दोनों बहनों ने होश खो दिया। पानी में बहते ये चारों जब तवी के तीसरे पुल के करीब थे तभी भीड़ से एक युवक  इम्तियाज ने तवी में छलांग लगा दी। 
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लापता बहनों का अभी तक कोई सुराग नहीं

वायुसेना के हेलीकाप्टर की ली जा रही मदद - फोटो : अमर उजाला
इम्तियाज ने जीजा-साले को तो खींच कर बाहर निकाल लिया, लेकिन दोनों बहनें देखते ही देखते ओझल हो गईं। नदी से बाहर निकलते ही माल्या ने होश खो दिया। दोनों को तत्काल जीएमसी पहुंचाया। बाद में यलप्पा को छुट्टी दे दी गई, जबकि उसका साला माल्या अस्पताल में भर्ती है। सभी लोग महाराष्ट्र के ओम्बरका तालुका के रहने वाले हैं।

मौके पर पहुंची स्टेट डिजास्टर्स रिस्पांस फोर्स (एसडीआरएफ) की टीमों ने अलग-अलग स्थानोें पर उनकी तलाश की, लेकिन नाकाम रहीं। डीसी सिमरनदीप सिंह के अनुसार पुलिस और एसडीआरएफ की टीमों ने डूबे लोगों की काफी तलाश की, लेकिन जब कोई सुराग नहीं मिला तो उन्होंने वायुसेना से खोजबीन में मदद का आग्रह किया। वायुसेना के हेलीकाप्टर को भी कोई सुराग नहीं मिला।

एसएसपी सुनील गुप्ता ने भी बताया कि तलाश जारी है। तवी में अचानक जल स्तर बढ़ने से सिद्दड़ा इलाके में पंजतीर्थी के पास भी चार लोग लहरों में फंस गए। बताया जाता है कि चारों मछलियां पकड़ने के लिए तवी के बीच गए थे। इसी दौरान अचानक बहाव तेज होने से वह बीच में फंस गए। एसडीआरएफ की टीम ने तत्काल मौके पर पहुंच तीनों को सुरक्षित बाहर निकाला।

शरीर को यातना देकर कमाते हैं रोजीरोटी
जम्मू। देश के एक से दूसरे हिस्से जाने वाला यलप्पा का खानाबदोश परिवार अपने शरीर को यातना देकर रोजीरोटी कमाता है। उसके रिश्तेदारों ने बताया कि मूल रूप से ढोल की धुन पर वह रस्सी के चाबूक से शरीर पर शाटें मार कर करतब दिखाते हैं और लोगों की मदद से गुजारा करते हैं। यलप्पा अपने शरीर पर शाटें मारकर करतब दिखाता है, जबकि उसकी पत्नी लक्ष्मी इस दौरान ढोल बजाती है। 
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