फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

एजेंट की चाल, बेटे की मौत: रूस-यूक्रेन युद्ध में गई सचिन की जान, शव पहुंचा घर, परिवार का रो-रोकर बुरा हाल

Mon, 06 Apr 2026 12:17 PM IST
Nikita Gupta अमर उजाला नेटवर्क, श्रीनगर

सार

खौड़ के युवक सचिन खजूरिया की रूस-यूक्रेन युद्ध में मौत हो गई, जिनका शव रविवार को उनके घर पहुंचा।आरोप है कि एक एजेंट ने उन्हें झांसा देकर रूसी सेना में भर्ती कराया और बिना ट्रेनिंग के युद्ध में भेज दिया।
विज्ञापन
रूसी सेना की वर्दी में सचिन खजूरिया। - फोटो : सोशल मीडिया
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

खौड़ के गांव पहाड़ी वाला निवासी युवक सचिन खजूरिया का शव रविवार सुबह साढ़े आठ बजे घर पहुंचा। सचिन खजूरिया की मौत रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध में हुई थी। आरोप है कि सचिन को एक महिला एजेंट ने झांसा देकर रूस की सेना में भर्ती करवा दिया। यहां बिना ट्रेनिंग के युद्ध लड़ने के लिए भेज दिया। इसमें सचिन की मौत हो गई।

विज्ञापन


जानकारी के अनुसार सचिन खजूरिया नौकरी नहीं मिलने पर भारत सरकार से मंजूरी लेकर रूस में काम करने गया था। वहां पर एक होटल में वेटर का काम करने लगा। सितंबर माह में एक महिला एजेंट से उसकी मुलाकात हुई। वह महिला एजेंट सचिन खजूरिया को अधिक पैसों का झांसा देकर रूसी सेना में बतौर सैनिक भर्ती होने के लिए कहती है।

सचिन खजूरिया उस महिला एजेंट के झांसे में आ जाता है और रूसी सेना में शामिल हो जाता है। इसको लेकर सितंबर 2025 में सचिन खजूरिया की तरफ से एक वीडियो भी वायरल किया जाता है कि उसे और उसके कुछ साथियों को धोखे से रूस और यूक्रेन के बीच लगे युद्ध में बगैर किसी ट्रेनिंग के भेजा जा रहा है जबकि हमसे हमें पूरी ट्रेनिंग देने का वायदा किया गया था। वायरल हुई वीडियो में इन युवाओं ने कहा था कि रूस की तरफ से भारतीय पांच छह युवाओं को यूक्रेन के साथ युद्ध लड़ने के लिए फ्रंट लाइन पर भेज दिया गया है। हमारे कुछ साथी युद्ध में मारे भी गए हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

सचिन के पिता को संभालते रिश्तेदार। - फोटो : संवाद
वहीं इस बीच परिजनों का सचिन खजूरिया से संपर्क भी टूट जाता है और बीते हफ्ते परिजनों को एक मैसेज आता है कि सचिन खजूरिया की मौत हो गई है। इस पर परिजनों की तरफ से सचिन के शव को भारत लाने की कोशिश की जाती है और आज रविवार को शव घर पहुंचता है। सचिन के परिजनों का रो रोकर बुरा हाल है।

परिवार में सचिन खजूरिया का एक भाई कौशल खजूरिया है। सचिन खजूरिया परिवार में सबसे बड़ा है। उसके कंधों पर परिवार का बोझ था। सचिन के पिता बनारसी लाल फल और सब्जी की रेहड़ी लगाते हैं। माता स्वर्णो देवी का रो-रो कर बुरा हाल है। क्षेत्र के लोगों ने सचिन खजूरिया को शहीद का दर्जा देने की मांग करते हुए भारत सरकार से परिवार की मदद करने की मांग की है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें