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सीसीटीवी फुटेज, कॉल डिटेल खंगाले

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श्रीनगर। हैदरपोरा मुठभेड़ की जांच करने वाली एसआईटी के प्रमुख डीआईजी सुजीत ने कहा कि सीसीटीवी फुटेज और कॉल डिटेल रिकॉर्ड की जांच के अलावा एसआईटी ने अब तक 20 से अधिक गवाहों से भी पूछताछ की है। इनमें से छह गवाहों के बयान मजिस्ट्रेट के सामने भी दर्ज किए गए हैं।
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यह पूछे जाने पर कि अगर सुरक्षा बलों को अंदर आतंकवादियों की मौजूदगी के बारे में जानकारी थी तो नागरिकों को घर की तलाशी के लिए क्यों भेजा गया, अधिकारी ने कहा कि अल्ताफ भट ने स्वेच्छा से अंदर जाने के लिए कहा था क्योंकि उन्हें पूरा यकीन था कि कोई अंदर नहीं छिपा हुआ है। उन्होंने कहा, उनमें से किसी ने भी सुरक्षा बलों को अंदर आतंकवादी की मौजूदगी के बारे में नहीं बताया और न ही कोई मदद मांगी।
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बार-बार बांदीपोरा जाता था आमिर
आमिर की संलिप्तता पर एसआईटी प्रमुख ने कहा कि इमारत में कोडीन की बोतलें और सर्दियों के परिधान जैसे सामान का मिलना इस बात की ओर इशारा करता है कि यह आतंकियों का एक ठिकाना था। हमें पता चला है कि आमिर अक्सर बांदीपोरा का दौरा करता था। जब वह (उनका परिवार) 2008 में उस जगह से चला गया था वह बांदीपोरा क्यों जाता था? आमिर बांदीपोरा में हुए पुलिस पर हमले में जमालट्टा में आतंकी बिलाल के साथ था।
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विदेशी आतंकी के शरीर के पास मिला डोंगल
डीआईजी ने कुछ गवाहों के बयानों का हवाला दिया जिससे यह निष्कर्ष निकला कि इमारत का इस्तेमाल आतंकवादियों द्वारा ठिकाने के रूप में किया गया था।
उन्होंने बताया कि हमें विदेशी आतंकवादी के शरीर से एक डोंगल मिला। डिवाइस की लोकेशन 14 नवंबर को जमालट्टा में थी जहां फायरिंग की घटना हुई थी।
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मजिस्ट्रियल जांच रिपोर्ट सरकार को सौंपी
यह पूछे जाने पर कि क्या जांच के बारे में पुलिस का खुलासा केंद्र शासित प्रदेश सरकार द्वारा आदेशित मजिस्ट्रेट जांच को रोक सकता है। पुलिस महानिरीक्षक कश्मीर क्षेत्र विजय कुमार ने कहा कि जांच पहले ही पूरी हो चुकी है और चार दिन पहले सरकार को रिपोर्ट सौंपी जा चुकी है। सरकार ने जिलाधिकारी को संबंधित न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है।
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अल्ताफ के परिवार ने संतोषजनक जानकारी नहीं दी
जांच अधिकारी ने बताया कि भवन मालिक अल्ताफ भट के परिवार ने उन्हें उचित जवाब नहीं दिया है कि किराए पर कौन रह रहा था, उनकी किराया भुगतान का कौन सा तरीका इस्तेमाल किया जा रहा था। अल्ताफ के परिवार से कोई संतोषजनक जानकारी नहीं मिली है।
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परिवार को सौंपे गए थे भट व गुल के शव
मालूम हो कि 15 नवंबर को मुठभेड़ के बाद अल्ताफ भट, डॉ. मुदासिर गुल और आमिर माग्रे के परिवारों ने दावा किया था कि वे निर्दोष हैं और उन्होंने विरोध प्रदर्शन कर उनके शवों को वापस करने की मांग की। प्रदेश के कई राजनीतिक दलों ने भी इस मांग का समर्थन किया। इसके बाद प्रशासन ने 18 नवंबर को भट और गुल के शव कब्र से निकालकर परिवार को सौंप दिये थे।
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