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Srinagar News: टंगमर्ग के धनवास के पास पेड़ कटाई की जांच के लिए वन विभाग ने निरीक्षण टीम का किया गठन

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बारामुला के तंगमर्ग के द्रंग में काटे गए पेड़। संवाद - फोटो : poni news
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अमर उजाला ब्यूरो
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श्रीनगर। बारामुला जिले के टंगमर्ग के धनवास ड्रंग-मंजवास इलाके के पास जंगल क्षेत्र को नए सिरे से नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाने वाला वीडियो वायरल होने के बाद एक कमेटी का गठन किया गया है। जम्मू और कश्मीर वन विभाग ने फील्ड अधिकारियों की कमेटी गठित की है जो मौके पर जाकर जांच करेगी।
टंगमर्ग के स्पेशल फॉरेस्ट डिवीजन द्वारा जारी एक आधिकारिक आदेश के अनुसार कमेटी को सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो की सच्चाई की जांच करने और जमीन पर वास्तविक स्थिति का पता लगाने का काम सौंपा गया है। निरीक्षण टीम का नेतृत्व फॉरेस्टर अल्ताफ अहमद खान करेंगे जिसमें संबंधित क्षेत्र में तैनात फॉरेस्ट गार्ड भी शामिल हैं। आदेश के अनुसार टीम को बिना किसी देरी के बताई गई जगह पर जाने और पूरे इलाके का अच्छी तरह से मुआयना करने का निर्देश दिया गया है जहां जंगल को नुकसान होने का संदेह है।
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निरीक्षण में सभी नए क्षतिग्रस्त पेड़ों की पहचान और गिनती के साथ प्रजाति के अनुसार वर्गीकरण शामिल होगा। टीम को पेड़ के तनों की फिजिकली जांच करने और भविष्य में किसी भी तरह की हेराफेरी या विवाद को रोकने के लिए पहचाने गए हर तने पर हथौड़े के निशान लगाने का भी निर्देश दिया गया है। क्षतिग्रस्त सामग्री की एक विस्तृत इन्वेंट्री जिसमें अनुमानित आयाम भी शामिल हैं तैयार की जानी है।
आदेश में कमेटी को इलाके तक पहुंच का आकलन करने और अगर कोई हो तो औजारों के इस्तेमाल, निकालने के रास्तों या बाहरी तत्वों की संभावित संलिप्तता के संकेतों को देखने का भी निर्देश दिया गया है। जहां जरूरी हो मौके पर मौजूद स्थानीय लोगों के बुनियादी बयान भी केवल तथ्यात्मक सत्यापन के उद्देश्यों के लिए रिकॉर्ड किए जा सकते हैं। निरीक्षण पार्टी से एक दिन के भीतर एक तथ्यात्मक हस्ताक्षरित रिपोर्ट सक्षम अधिकारी को आगे जमा करने के लिए कहा गया है। इसमें कहा गया है कि रिपोर्ट में अनिवार्य रूप से निष्कर्षों का विवरण, नुकसान की जियो-टैग की गई तस्वीरें, प्रभावित स्थानों के मैप किए गए निर्देशांक और आगे की कार्रवाई के संबंध में संक्षिप्त सिफारिशें शामिल होनी चाहिए।
निरीक्षण के दौरान रियल-टाइम समन्वय और ट्रैकिंग के लिए बताई गई जंगल की क्षति का सटीक स्थान और विवरण आधिकारिक संचार चैनलों के माध्यम से पार्टी हेड के साथ साझा किया जाना है। डिविजनल फॉरेस्ट ऑफिसर स्पेशल फॉरेस्ट डिवीजन टंगमर्ग ने पार्टी हेड को सही देखरेख, इनपुट को इकट्ठा करने और इंस्पेक्शन रिपोर्ट समय पर जमा करने को कहा गया है।
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ऐसे सामने आई यह हरे सोने की कटाई की घटना
टंगमर्ग के धनवास ड्रंग इलाके के रास्ते में एक ट्रैकर द्वारा शूट किए गए एक वायरल वीडियो ने इस क्षेत्र में बड़े पैमाने पर और अंधाधुंध पेड़ों की कटाई को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा कर दी जिससे जंगल की सुरक्षा और जमीनी स्तर पर लागू करने पर सवाल उठना शुरू हुए। सोशल मीडिया पर बड़े पैमाने पर सर्कुलेट हो रहे वीडियो में जंगल की जमीन के बड़े-बड़े हिस्से ताजे कटे पेड़ों के तनों से भरे दिख रहे हैं। ढलानों पर पेड़ बिखरे हुए हैं और जो कभी घना हरा जंगल था वहां भारी कटाई के साफ संकेत दिख रहे हैं। पूरे पैच पूरी तरह से खाली दिख रहे हैं। लकड़ी खुले में पड़ी है। यह दृश्य पर्यावरणविदों और स्थानीय लोगों दोनों के लिए चिंताजनक है। सूत्रों ने बताया कि कथित कटाई फॉरेस्ट कंपार्टमेंट नंबर 65 ब्लॉक बदरकूट में हुई है जो संरक्षित वन क्षेत्र के तहत आता है। सूत्रों के अनुसार वीडियो में दिख रही कटाई का पैमाना बताता है कि यह अलग-थलग या आकस्मिक कटाई नहीं बल्कि संगठित और लगातार गतिविधि है। इस घटना ने जम्मू और कश्मीर में वन शासन पर ध्यान खींचा है खासकर टंगमर्ग जैसे पारिस्थितिक रूप से संवेदनशील क्षेत्रों में जो गुलमर्ग के पास एक महत्वपूर्ण ग्रीन बफर और टूरिस्ट कॉरिडोर के रूप में काम करता है। स्थानीय लोगों ने तत्काल जमीनी सत्यापन, जिम्मेदारी तय करने और इसमें शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
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