मुख्य सचिव ने पीएम सूर्य घर योजना और सरकारी भवनों के सोलराइजेशन के लिए तय की मासिक लक्ष्य
संवाद न्यूज एजेंसी
श्रीनगर। मुख्य सचिव अटल डुल्लू ने वीरवार को पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना और सरकारी भवनों के सोलराइजेशन कार्यक्रम की प्रगति की समीक्षा के लिए एक विस्तृत बैठक की अध्यक्षता की। इस दौरान उन्होंने बताया कि 57 हजार घरों में रूफटॉप सोलर सिस्टम लगेंगे।
मुख्य सचिव ने दोनों पावर डिस्कॉम जेपीडीसीएल और केपीडीसीएल को निर्धारित समय सीमा में लक्ष्य पूरा करने पर जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिया कि जिन 57 हजार लाभार्थियों के साथ वेंडर एग्रीमेंट हो चुके हैं, उनके यहां रूफटॉप सोलर सिस्टम की स्थापना जल्द की जाए ताकि उपभोक्ताओं को योजना का लाभ बिना देरी के मिले। उन्होंने कहा कि पीएम सूर्य घर योजना की अंतिम तिथि से काफी पहले लक्ष्य हासिल करने के लिए सुव्यवस्थित समय सीमा बनाई जाए ताकि जम्मू-कश्मीर को भारत सरकार की इस फ्लैगशिप योजना का पूरा लाभ मिल सके।
सरकारी भवनों के सोलराइजेशन की समीक्षा करते हुए मुख्य सचिव ने विज्ञान-प्रौद्योगिकी विभाग और को मिशन मोड में काम करने और सभी चिन्हित सरकारी भवनों को रूफटॉप सोलर से कवर करने को कहा। उन्होंने निर्देश दिया कि कैप्क्स मोड़ के तहत 1,400 और आरईएससीओ मोड के तहत 1,300 सरकारी भवनों का काम जुलाई 2026 के अंत तक पूरा किया जाए। साथ ही सभी कमीशन भवनों में स्मार्ट मीटरिंग भी साथ-साथ पूरी की जाए ताकि नेट मीटरिंग, सटीक ऊर्जा लेखा और सौर ऊर्जा का बेहतर उपयोग सुनिश्चित हो। एसीएस पावर अश्विनी कुमार ने कार्यान्वयन में आ रही कमियों को दूर करने और अंतर-एजेंसी समन्वय मजबूत करने की रणनीति बताई।
एसीएस फाइनेंस शैलेंद्र कुमार ने कहा कि अच्छा प्रदर्शन करने वाले जिलों को पुरस्कृत किया जाना चाहिए। उन्होंने कुपवाड़ा और शोपियां जिलों में योजना के बेहतर कार्यान्वयन की सराहना की। केपीडीसीएल के एमडी महमूद अहमद शाह ने बताया कि भारत सरकार ने 31 मार्च 2027 तक 1 करोड़ आवासीय रूफटॉप सोलर का राष्ट्रीय लक्ष्य रखा है। इसमें जम्मू-कश्मीर का लक्ष्य 83,500 उपभोक्ता है - जेपीडीसीएल 39,500 और केपीडीसीएल 44 हजार है।
7 जुलाई 2026 तक जम्मू-कश्मीर में 37,138 आवासीय उपभोक्ताओं के यहां रूफटॉप सोलर सिस्टम लग चुके हैं। कुल क्षमता 133.40 मेगावाट है। इससे लाभार्थियों को 291.38 करोड़ रुपये की केंद्रीय वित्तीय सहायता और 10.50 करोड़ रुपये की यूटी सब्सिडी मिली है। जेएकेईडीए के सीईओ पीन धर ने बताया कि सरकारी भवनों के सोलराइजेशन में जम्मू-कश्मीर देश में तीसरे स्थान पर है। अब तक 8,131 सरकारी भवनों पर सोलर सिस्टम लग चुके हैं जो कुल 22,494 चिन्हित भवनों का 36.14 प्रतिशत है।
कैप्क्स मोड: 5,500 भवनों के लिए 65 मेगावाट में से 3,338 भवनों पर 46.30 मेगावाट का काम पूरा। जबकि 1,462 भवनों के लिए सामग्री पहुंच चुकी है। आरईएससीओ मोड आठ हजार भवनों के लिए 175 मेगावाट का लक्ष्य। 1,360 भवनों के वर्क ऑर्डर जारी, टैरिफ 4.19 से 5.27 रुपये प्रति यूनिट। मुख्य सचिव ने सभी एजेंसियों को नजदीकी समन्वय, समय सीमा का पालन और जिला-वार निगरानी के निर्देश दिए।
बैठक में एसीएस पावर, एसीएस फाइनेंस, कमिश्नर जम्मू/कश्मीर, जेपीडीसीएल/केपीडीसीएल के एमडी, जेएकेईडीए के सीईओ सहित कई विभागों के अधिकारी मौजूद थे।