कुपवाड़ा की करनाह घाटी में रैली निकालते विद्यार्थी। संवाद
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- 2000 से ज्यादा छात्रों ने आतंकवाद के खिलाफ लगाए नारे, पहलगाम हमले की कड़ी निंदा की
संवाद न्यूज एजेंसी
कुपवाड़ा। करनाह सब-डिवीजन के सरकारी और निजी स्कूलों के 2,000 से ज्यादा छात्रों ने एलओसी पर बुधवार को आतंकवाद विरोधी एकजुटता मार्च निकाला। इस दौरान छात्रों ने पिछले साल पहलगाम में हुए आतंकी हमले की कड़ी निंदा की।
एक अधिकारी ने बताया कि ये मार्च आर्मी गुडविल स्कूल (एजीएस) हाजीनार, गवर्नमेंट डिग्री कॉलेज (जीडीसी) कंडी और एजीएस टीटवाल की ओर से निकाले गए। इन जगहों पर छात्रों ने आतंकवाद के खिलाफ नारे लगाए और सेना के साथ-साथ पीड़ितों के परिवारों के प्रति अपना समर्थन जताया।
अधिकारी ने कहा कि हमारे युवा देश के साथ मजबूती से खड़े हैं। वे हिंसा को नकारते हैं और एक शांतिपूर्ण, प्रगतिशील जम्मू-कश्मीर में विश्वास रखते हैं। छात्रों के हाथों में ऐसे पोस्टर-बैनर थे जिन पर सेना की तारीफ लिखी थी। इन पोस्टरों के जरिए उन्होंने यह संदेश दिया कि आतंकवाद और दुष्प्रचार देश की एकता और देशभक्ति को कभी नहीं हरा सकते। पिछले साल पहलगाम में हुए आतंकी हमले ने पर्यटकों को निशाना बनाया था जिससे पूरे इलाके में दहशत फैल गई थी।
कश्मीर आतंकवाद के खिलाफ भारत के साथ खड़ा है
अधिकारियों ने बताया कि ये शांतिपूर्ण मार्च आतंकवाद के खिलाफ लोगों के बढ़ते संकल्प को दिखाते हैं, खासकर युवा पीढ़ी के बीच। ऑपरेशन सिंदूर के एक साल पूरा होने पर भी उस अभियान को याद किया। एक वरिष्ठ सैन्य अधिकारी ने कहा कि इस तरह के कार्यक्रम लोगों में आत्मविश्वास और उम्मीद जगाते हैं। करनाह के युवाओं ने एक साफ संदेश दिया है कश्मीर आतंकवाद के खिलाफ भारत के साथ खड़ा है। हाल के महीनों में इस सीमावर्ती सब-डिवीजन में छात्रों के नेतृत्व में हुई एकजुटता की यह सबसे बड़ी रैलियों में से एक थी।