पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने कहा कि केंद्र सरकार की मंशा दो समुदायों के बीच दूरी को बढ़ाना है। वह कश्मीरी पंडितों के दर्द को हथियार के रूप में इस्तेमाल कर रही है।
पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) अध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने बुधवार को कहा कि केंद्र सरकार कश्मीरी पंडितों के दर्द को हथियार के रूप में इस्तेमाल कर रही है। उसकी मंशा दो समुदायों के बीच दूरी को बढ़ाना है।
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महबूबा ने अपने ट्विटर हैंडल पर लिखा कि जस तरह से केंद्र सरकार द कश्मीर फाइल्स को आक्रामक रूप से बढ़ावा दे रही है और कश्मीरी पंडितों के दर्द को हथियार बना रही है, उससे उनकी मंशा साफ हो जाती है। पुराने घावों को भरने और दो समुदायों के बीच अनुकूल माहौल बनाने के बजाय, वे जानबूझकर उन्हें अलग कर रहे हैं।
विवेक अग्निहोत्री द्वारा निर्देशित फिल्म द कश्मीर फाइल्स को लेकर उठे विवाद के बीच जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला ने कहा है कि दोषियों का पता लगाने के लिए एक ईमानदार जांच होनी चाहिए कि ऐसी घटना क्यों हुई। द कश्मीर फाइल्स फिल्म 1990 में घाटी से कश्मीरी पंडितों के पलायन पर आधारित है। नेशनल कांफ्रेंस प्रमुख ने कहा- 'जगमोहन उस समय राज्यपाल थे। वह नहीं हैं, अन्यथा, उन्होंने (वास्तविकता) बता दी होती। यही कारण है कि मैं चाहता हूं कि मामले की जांच हो। हर फिल्म एक अनोखे तरीके से कहानी को चित्रित करती है। यह महत्वपूर्ण है कि फिल्म सटीक सच्चाई को चित्रित करती है।'