श्रीनगर। हमारा देश जहां माइक्रोसॉफ्ट, गूगल, एडोब जैसी बहुराष्ट्रीय कंपनियों के सीईओ बना रहा है, वहीं पड़ोसी देश हमारे युवाओं को गलत रास्ते पर धकेल रहा है। आतंकवाद और हिंसा सभ्य समाज के लिए अभिशाप है। यह बात उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने बुधवार को कश्मीर विश्वविद्यालय के विशेष दीक्षांत समारोह में यहां कही। उन्होंने कहा कि उज्ज्वल युवा दिमाग ही शांतिपूर्ण, प्रगतिशील और समृद्ध समुदाय के निर्माण में सक्षम है। एक महान राष्ट्र और समृद्ध जम्मू-कश्मीर के निर्माण की जिम्मेदारी हमारे युवाओं के कंधों पर है।
उपराज्यपाल ने पड़ोसी से गुमराह होने वाले युवाओं से शांति, प्रेम और आपसी विश्वास के साथ आगे बढ़ने और विकास के पथ पर एक साथ चलने का आग्रह किया। उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति द्वारा लाए जा रहे सुधारों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि शैक्षणिक संस्थानों को युवा पीढ़ी को भविष्य के लिए तैयार करने के लिए री-स्किलिंग, अप-स्किलिंग और न्यू-स्किलिंग पर ध्यान देने की जरूरत है।
जम्मू-कश्मीर के युवाओं को उद्योग 4.0 के लिए तैयार करने में प्रदेश सरकार द्वारा किए गए सुधारात्मक उपायों को रेखांकित करते हुए उपराज्यपाल ने कहा कि आज, बारामुला और जम्मू में दो आविष्कार, नवाचार और प्रशिक्षण केंद्र, हमारे युवाओं को डिजिटल इंडिया के मिशन को तेज करने के अलावा रोबोटिक्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की नई तकनीकी रूपरेखा से परिचित करा रहे हैं। उन्होंने कहा कि हम युवा क्लबों जैसी पहलों के माध्यम से युवा ऊर्जा को दिशा दे रहे हैं और उन्हें शासन प्रक्रिया में भागीदार बना रहे हैं।
उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा को केंद्र शासित प्रदेश के दूरदराज के क्षेत्रों में ले जाते हुए कश्मीर विश्वविद्यालय ने कई जगह पर सेटेलाइट कैंपस की स्थापना की है। ऐसे प्रयासों के कारण इसे देश के शीर्ष 50 विश्वविद्यालयों में शामिल किया गया है। उपराज्यपाल ने कहा कि इंटरनेशनल कोऑपरेशन, सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और कश्मीर यूनिवर्सिटी द्वारा संचालित स्किल सेंटर भी छोटी पंचायतों और कस्बों से आने वाले युवाओं को सुविधा प्रदान कर रहे हैं।
युवा भाग्य पर नहीं कड़ी मेहनत करने पर विश्वास करें
डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम का जिक्र करते हुए उपराज्यपाल ने छात्रों से कहा कि वे भाग्य पर विश्वास न करें, बल्कि उज्ज्वल भविष्य के लिए कड़ी मेहनत पर विश्वास
करें। उन्होंने कहा कि उम्मीद है कि डॉ. कलाम के शब्द आपकी नई यात्रा में आपका मार्गदर्शन करेंगे। बनारस हिंदू विश्वविद्यालय में एक आईआईटी छात्र के रूप में अपने अनुभवों को साझा करते हुए उपराज्यपाल ने कहा कि आज की पीढ़ी के पास अधिक संसाधन, सूचना और उपकरणों तक अधिक पहुंच है। यद्यपि हम एक ऐसी दुनिया में रह रहे हैं जो महामारी के कारण लगातार बदल रही है, यह विकास के लिए अधिक चुनौतियां और अवसर भी प्रदान कर रही है।
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कुलगाम के तनवीर से प्रेरणा लेने को कहा
उपराज्यपाल ने कुलगाम की अपनी यात्रा को याद करते हुए कहा कि उन्होंने तनवीर अहमद से मुलाकात की, जिन्होंने भारतीय आर्थिक सेवा परीक्षा में एआईआर-2 हासिल किया। उन्होंने युवाओं को उनसे प्रेरणा लेने के लिए कहा।
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88 छात्रों और 282 छात्राओं को स्वर्ण पदक
उपराज्यपाल ने कहा कि प्रदेश की बेटियों की अकादमिक उपलब्धि जम्मू-कश्मीर में महिला सशक्तिकरण के लिए हो रहे सकारात्मक बदलाव का प्रमाण है। उन्होंने शिक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्रों को स्वर्ण पदक से सम्मानित किया। 88 लड़कों के मुकाबले छात्राओं को कुल 282 स्वर्ण पदक प्रदान किए गए। इस अवसर पर सांसद डॉ. फारूक अब्दुल्ला, श्रीनगर के मेयर जुनैद अजीम मट्टू, सलाहकार राजीव राय भटनागर, मुख्य सचिव डॉ. अरुण कुमार मेहता, संभागीय आयुक्त कश्मीर पांडुरंग के पोल, उच्च शिक्षा विभाग की प्रशासनिक सचिव सुषमा चौहान और आईजीपी कश्मीर विजय कुमार मौजूद रहे।