मीरवाइज-ए-कश्मीर मौलवी मोहम्मद उमर फारूक शुक्रवार को जुमे की नमाज पढ़वा सकते हैं। ऐसी उम्मीद जताई जा रही है कि यदि प्रशासन ने मंजूरी दी तो यह संभव है। हालांकि इसकी किसी भी अधिकारी ने पुष्टि नहीं की है।
उधर मीरवाइज का कहना है कि जब उपराज्यपाल ने दावा किया है तो हम उम्मीद करते हैं कि शुक्रवार को हमें नमाज पढ़ाने जाने दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि जामिया मस्जिद से हमेशा मुद्दों को बातचीत के जरिये सुलझाने की बात कही गई है लेकिन फिर भी पता नहीं जामिया मस्जिद को हमेशा बंद क्यों कर दिया जाता है। वहीं इस बीच अंजुमन औकाफ जामा मस्जिद ने कहा कि जामा मस्जिद में मीरवाइज द्वारा शुक्रवार की तकरीर के लिए सभी तैयारियां कर ली गई हैं।
मीरवाइज ने फोन पर बातचीत करते हुए कहा, अभी तो मैं भी सुन रहा हूं, अभी कुछ पता नहीं है। हालांकि यह लोग (पुलिस) घर के बाहर खड़े हैं, पर इन्होंने गाड़ी थोड़ी सी पीछे ली है। अभी बाहर खड़े ही हैं और जब
कोई आता है तो उससे पूछते हैं कौन हो क्या हो। पता चलेगा कल सुबह क्या है।
यह पूछे जाने पर कि अगर जुमे की नमाज के लिए अनुमति मिलती है तो लोगों से बातचीत का क्या मुद्दा होगा। उन्होंने कहा कि अभी तक तो कोई उन्हें कुछ बताने नहीं आया है। अभी तो सारा सिलसिला ऐसे ही है, कल जुमा है। काफी साल हो गए जुमे की नमाज पढ़े, न ही तब्लीक और न वाज पढ़ा है। किसी से भी नहीं मिल पाए हैं, इन तीन सालों में।
मीरवाइज ने कहा कि जब एलजी साहब ने दावा किया है तो हम उम्मीद करते हैं कि कल (शुक्रवार) को नहीं रोकेंगे हमें, जाने देंगे।