जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला
- फोटो : ANI
नेशनल कांफ्रें स के अध्यक्ष डॉ. फ ारूक अब्दुल्ला ने जम्मू-कश्मीर के मूल निवासियों से मतदाता सूची में खुद को पंजीकृत कराने का आग्रह किया ताकि सीट जीतने के लिए अस्थायी मतदाताओं को आयात करने का इरादा रखने वाली शक्तियां पराजित हो जाएं। केंद्र शासित प्रदेश में पहला विधानसभा चुनाव सिर्फ सरकार चुनने या विभाग बनाने के बारे में नहीं होगा बल्कि जम्मू-कश्मीर की पहचान और गरिमा की रक्षा करने के लिए होगा।
शोपियां में सोमवार को आयोजित कार्यकर्ता सम्मेलन में उन्होंने कहा कि जम्मू और कश्मीर में गैर स्थानीय लोगों को वोट देने की अनुमति देना विनाशकारी होगा। नेकां के खिलाफ जो शक्तियां खड़ी हैं वे वास्तविक मतदाताओं के समर्थन के बारे में इतनी असुरक्षित हैं कि उन्हें सीटें जीतने के लिए अस्थायी मतदाताओं को आयात करना पड़ रहा है।
इस तरह के नापाक मंसूबों से मदद नहीं मिलेगी। यदि आप मतदाता के रूप में पंजीकरण कराकर भारी संख्या में मतदान करते हैं तो ऐसा कुछ भी नहीं है जो हमारी विशिष्ट पहचान को छू सके। लेकिन अगर हम सभी ने अपने घरों में रहने का फैसला किया तो ऐसा कुछ भी नहीं है जो हमें बचा सके। उन्होंने संभावना जताई कि अगले साल चुनाव हो सकते हैं।
यह चुनाव के वल सरकार चुनने के बारे में नहीं होंगे, बल्कि यह हमारी पहचान और गरिमा की रक्षा करने के बारे में है। हमें ऐसे प्रतिनिधियों को विधायिका में भेजना होगा जो लोगों की मर्यादा और सम्मान के साथ खिलवाड़ नहीं कर सकें। क्षेत्रीय गौरव और सम्मान की रक्षा के लिए उनकी पार्टी का कोई विकल्प नहीं है।