श्रीनगर। संबूरा गांव के रहने वाले सब इंस्पेक्टर फारूक अहमद मीर (48) हत्या से पूरे गांव में मातम है। परिवार वालों का रो-रोकर बुरा हाल है। फारूक की बेटी महक ने रोते हुए कहा कि उनको नहीं छोडूंगी जिन्होंने मेरे अब्बू के साथ ऐसा किया। मैं पुलिस जांच में पूरा सहयोग करूंगी। मैं चाहती हूं कि हत्यारों को कड़ी सजा मिले। मैंने पिता को कल शाम को देखा था। हम चाय पी रहे थे और वे बहुत खुश थे। उनका किसी से कोई मतभेद नहीं था।
भाई की बहू रिहाना ने कहा कि उन्होंने सहारा छीन लिया है। बूढ़े पिता अंदर पड़े हैं जिनका सहारा छिन गया है, जिसने भी उन्हें मारा उसे हम नहीं जानते, लेकिन हम उसे पूछना चाहते हैं कि यह हत्या करके उसे क्या मिला। वह इस घर में एकमात्र कमाने वाले थे। अन्य रिश्तेदारों और पड़ोसियों ने भी आतंकियों द्वारा पुलिस सब इंस्पेक्टर की हत्या की निंदा की और कहा कि इसमें शामिल लोगों को जल्द से जल्द खोजा जाना चाहिए और कड़े कानून से निपटा जाना चाहिए।
स्थानीय लोगों ने हत्या की निंदा करते कहा कि यह समझ से बाहर है कि इन्हें किसने और क्यों मारा, क्योंकि फ ारूक इलाके के बेहद शरीफ लोगों में गिने जाते थे। हर कोई उनकी इज्जत करता था।
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बड़ी बेटी बांग्लादेश में कर रही एमबीबीएस
फ ारूक अपने पीछे बूढ़े पिता, पत्नी, दो बेटियों और एक बेटे को छोड़ गए हैं। बड़ी बेटी बांग्लादेश में एमबीबीएस की पढ़ाई कर रही है। दूसरी बेटी 12वीं कक्षा और बेटा तीसरी कक्षा में है। कल रात से ही फ ारूक के घर पर ग्रामीणों और रिश्तेदारों का तांता लग गया।
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छह साल के बेटे को नहीं पता कि पिता दोबारा नहीं लौटेंगे
सब इंस्पेक्टर को अवंतिपोरा में श्रद्धांजलि दी गई। इस अवसर पर पुलिस के आला अधिकारी और उनके परिवार वाले मौजूद थे। जिस समय पिता को श्रद्धांजलि दी जा रही थी तो उनका 6 साल का बेटा मुस्कुराता दिख रहा था। मासूम को शायद यह नहीं पता था कि उसके पिता दोबारा वापस नहीं आएंगे।