श्रीनगर। पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने जेकेएलफ के प्रमुख यासीन मलिक को सजा सुनाए जाने पर कहा कि कश्मीर एक राजनीतिक मुद्दा है और इस तरह की घटनाएं पूर्व में समस्या का समाधान करने में सफल नहीं रही हैं।
दक्षिण कश्मीर के कुलगाम में बुधवार को उन्होंने कहा, लोगों (कश्मीर से) को पहले भी फांसी दी जा चुकी है, लेकिन इसने इस मुद्दे को हल नहीं किया है। यह और अधिक जटिल हो गया है। मुझे लगता है कि बल प्रयोग की नीति अपनाने के परिणाम अच्छे नहीं होंगे।
कश्मीर में हाल में हुई हत्याओं के बारे में महबूबा ने कहा कि जब तक सरकार बल प्रयोग की अपनी नीति को नहीं रोकती तब तक उन्हें रक्तपात का अंत नजर नहीं आता। महबूबा ने कहा, सरकार ने कहा कि एक बार अनुच्छेद 370 के हट जाने के बाद कोई हड़ताल या हत्या नहीं होगी। अब लोगों को क्यों मारा जा रहा है? सुरक्षाबल क्या कर रहे हैं?
महबूबा ने कहा,सरकार के पास युवाओं के लिए नौकरी नहीं है, महंगाई बेकाबू है और लोगों को दो वक्त का खाना मिलना मुश्किल हो रहा है। ऐसी स्थिति में मुसलमानों और उनके पूजा स्थलों को निशाना बनाना तथा हिंदू-मुस्लिम मुद्दों को उठाना ही उनका काम है। हालांकि, मैं उन्हें बताना चाहती हूं कि अगर आपके पास हिटलर जैसा कोई नुस्खा है, तो सभी को बताएं, आप मुसलमानों के साथ क्या करना चाहते हैं?