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श्रीनगर में ईदगाह और जामिया मस्जिद में नहीं होगी ईद की नमाज

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श्रीनगर। अंजुमन ए औकाफ ने ईद पर ईदगाह और जामिया मस्जिद में नमाज न पढ़ने का फैसला लिया है। हालांकि अंजुमन ए औकाफ जामिया मस्जिद ने 30 अप्रैल को जारी पहले बयान में कहा था कि ईद उल फितर की नमाज श्रीनगर की ईदगाह में सुबह 9.30 बजे पढ़ी जाएगी बशर्ते मौसम ठीक रहा। अगर बारिश होती है तो नमाज जामिया मस्जिद स्थित नौहट्टा में इसी समय पर होगी।
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अंजुमन ए औकाफ ने एक मई को दूसरा बयान जारी करते हुए लोगों से खेद व्यक्त किया है। कहा कि पुलिस और जिला प्रशासन ने उन्हें शनिवार को बुलाकर बताया कि श्रीनगर स्थित ईदगाह और जामिया मस्जिद में अगर सुबह 7 बजे से पहले नमाज अदा नहीं की जाती है, तो इसके बाद नमाज पढ़ते की इजाजत नहीं दी जाएगी। उन्होंने प्रशासन की शर्तों को लेकर नाराजगी व्यक्त की। अंजुमन के मुताबिक प्रशासन ने ईदगाह और जामिया मस्जिद में नमाज करने को लेकर कई शर्तें लगा रखी हैं और इस संबंध में प्रबंधन से लिखित अंडरटेकिंग मांगी थी।
वहीं जम्मू कश्मीर वक्फ बोर्ड अध्यक्ष डॉ. द्राक्षा अंद्राबी समेत कई प्रशासनिक अधिकारियों ने श्रीनगर में स्थित मुख्य दरगाहों जिन में दरगाह हजरतबल, दरगाह सुल्तान उल आरिफीन, दरगाह गॉस उल आजम दस्तगीर और दरगाह शेख याकूब सरफी सोनवार में ईद नमाज की तैयारियों का जायजा लिया।
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अंद्राबी ने कहा कि प्रशासन ने कोशिश की थी कि जामिया मस्जिद में नमाज पढ़ी जाए लेकिन कुछ लोग नहीं चाहते कि यहां पर नमाज अमन से हो जाए। उन्होंने कहा कि लोगों ने जामिया मस्जिद में नारेबाजी कर खुद अमन बरकरार रहने नहीं दिया और उसके बाद ईद को खराब माहौल में नहीं मनाना चाहते हैं। इस सिलसिले में जो आज बैठक हुई इसमें यह फैसला लिया गया कि हम ईद को ईद की तरह मनाएंगे बल्कि किसी भी शरारती तत्व को इसमें नहीं आने देंगे जिस तरह पीछे नारे लगाए गए। अंद्राबी ने कहा कि मस्जिद और दरगाहें नारेबाजी के लिए नहीं बनी हैं।
सामान्य स्थिति झूठ से भरा: महबूबा
पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने एक ट्वीट में कहा, जामिया मस्जिद में कल फिर ईद की नमाज पर रोक से स्पष्ट है कि जम्मू-कश्मीर के लिए भारत सरकार की सामान्य स्थिति स्वयं के झूठ और अंतर्विरोधों से भरी हुई है। लोगों से उनके मौलिक अधिकार ही नहीं बल्कि धार्मिक स्वतंत्रता भी छीन लेना उनकी निर्ममता का प्रतीक है।
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