श्रीनगर। नेशनल कांफ्रें स (नेकां) उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला ने कहा कि सुरक्षित स्थानों पर रखे गए सरपंचों और पंचों को ईद-उल-फित्र पर अपने परिवारों से मिलने के लिए सरकार को अनुमति देनी चाहिए।
ट्वीट किया कि इन दिनों मुझे इस तरह के संदेश मिल रहे हैं। पंच और सरपंच को उनकी इच्छा के विरुद्ध पुलिस ने पकड़ लिया और उन्हें जुमे की नमाज भी अदा नहीं करने दी गई। ईद पर उन्हें अपने प्रियजनों से मिलने की अनुमति नहीं होगी। यह एक अस्वीकार्य स्थिति है और इसमें सुधार किया जाना चाहिए। पूर्व मुख्यमंत्री ने अनंतनाग जिले में नेकां से संबद्ध सरपंच और पंच से कथित रूप से प्राप्त संदेशों के स्क्रीनशॉट पोस्ट किए जिसमें उन्होंने दावा किया कि पंचों और सरपंचों को उनकी इच्छा के विरुद्ध उन स्थानों पर रखा गया है। उन्होंने यह भी दावा किया कि उन्हें शुक्रवार को जुमातुल विदा की नमाज अदा करने की अनुमति नहीं दी गई थी। एक अन्य ट्वीट में कहा कि क्यों जम्मू कश्मीर पुलिस को लगता है कि लोगों की रक्षा करने का सबसे अच्छा तरीका उन्हें उनकी इच्छा के विरुद्ध बंदी बना कर रखना है लेकिन यह उनके मौलिक अधिकारों का घोर उल्लंघन है।