श्रीनगर। पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जम्मू-कश्मीर के उन युवाओं के भविष्य की बात कर रहे हैं, जिन्हें अब गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम (यूएपीए) के तहत जेल में बंद किया जा रहा है।
श्रीनगर में पीडीपी कार्यालय में एक संवाददाता सम्मेलन में महबूबा मुफ्ती ने कहा कि जब भारत के सबसे बड़े अल्पसंख्यक समुदाय मुसलमानों पर बुलडोजर चलाया जा रहा है, तब प्रधानमंत्री कुछ नहीं कह रहे हैं। जम्मू-कश्मीर ने एक धर्मनिरपेक्ष भारत के लिए इस उम्मीद में अपना हाथ बढ़ाया था कि हिंदू, मुस्लिम, सिख और ईसाई एक साथ रहेंगे, लेकिन अभी ऐसा कुछ नहीं हो रहा है।
महबूबा ने कहा, जम्मू-कश्मीर राज्य को केंद्र शासित प्रदेशों में डाउनग्रेड कर दिया गया है, कर्मचारियों को बर्खास्त किया जा रहा है, स्थानीय लोगों की अनदेखी करके बाहर के लोगों को यहां रोजगार दिया जा रहा है, जम्मू-कश्मीर के लोगों का भविष्य नष्ट हो गया है।
जम्मू-कश्मीर में चुनाव कराने के बारे में गृह मंत्री अमित शाह की टिप्पणी के बारे में पूछे जाने पर कहा कि उन्हें अभी तक चुनाव के बारे में कुछ भी नहीं बताया गया है। एक अन्य सवाल के जवाब में महबूबा ने कहा कि भाजपा ने विपक्षी राजनीतिक दलों की गतिविधियों को रोक दिया है और राजनीतिक प्रक्रिया को खत्म कर दिया है।