श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हाईकोर्ट ने कहा कि यह जरूरी नहीं है कि आपराधिक साजिश में शामिल व्यक्ति को अपराध की शुरुआत से ही सब पता हो। इसलिए अभियोजन से महज इस दलील पर छूट नहीं दी जा सकती कि आरोपी अपराध की शुरुआत में इसमें शामिल नहीं था। न्यायाधीश संजय धर ने इसी टिप्पणी के साथ आरोप पत्र को चुनौती देने वाली याचिका को खारिज कर दिया।
यह मामला लेक्स एंड वाटर वेस डेवलपमेंट अथॉरिटी (लवाडा) से जुड़ी है, जिसमें अथॉरिटी के अधिकारियों पर आपराधिक साजिश रचकर उसे अंजाम देने का आरोप है। इस मामले में विभिन्न विकास कार्यों के लिए आई विकास राशि में गड़बड़ी की गई। चार्जशीट को लवाडा के रेंज अधिकारी नियाज अहमद बाबा और तत्कालीन फॉरेस्टर लवाडा नूर मोहम्मद खान ने चुनौती दी थी।