श्रीनगर। बिना अनुमति लंबे समय से अनुपस्थित चल रही दो और शिक्षिकाओं की सेवाएं सरकार ने सोमवार को समाप्त कर दीं। एक महीने में स्कूल शिक्षा विभाग ड्यूटी से गायब रहने वाले 28 शिक्षकों को सेवा मुक्त कर चुका है।
स्कूल शिक्षा निदेशक कश्मीर के आदेश के अनुसार कुपवाड़ा के खुमरियाल में तैनात नीलोफर जहां एक जुलाई 2002 से बिना अनुमति के अनुपस्थित चल रही थीं। 6 जुलाई 2021 उन्हें एक नोटिस जारी कर सात दिनों के अंदर शिक्षा निदेशालय के समक्ष साक्ष्य के साथ उपस्थित होने के लिए कहा गया था परंतु वह हाजिर नहीं हुईं। इसके बाद उन्हें 15 जुलाई को एक और मौका दिया गया परंतु उसका भी कोई परिणाम नहीं निकला। अंतत: 11 दिसंबर 2021 को मामला मनोनीत समिति के समक्ष रखा गया और कमेटी ने सारे साक्ष्यों की समीक्षा के बाद उक्त कार्रवाई की सिफारिश कर दी। दूसरे मामले में बारामुला के नोवपोरा हायर सेकेंडरी स्कूल में तैनात अफरोजा अशरफ अमीन एक अक्तूबर 2010 से लगातार बिना अनुमति अनुपस्थित चल रही थीं। उनके खिलाफ भी कार्रवाई की गई है।
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एक इंजीनियर भी हो चुकी है बर्खास्त
हाल ही में अनधिकृत रूप से गैर हाजिरी के मामले में सड़क एवं भवन निर्माण विभाग के प्रधान सचिव शैलेंद्र कुमार ने श्रीनगर में मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग के चीफ इंजीनियर कार्यालय में जूनियर इंजीनियर असमा बाली को बर्खास्त कर दिया गया था। असमा बीस मार्च 2007 को श्रीनगर में मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग के चीफ इंजीनियर कार्यालय में जूनियर इंजीनियर नियुक्त हुई थी। एक अगस्त 2007 से 28 जनवरी 2008 तक वह बिना वेतन के छुट्टी पर चली गई थीं। 24 अप्रैल 2008 से वह 135 दिनों के मातृत्व अवकाश और 17 दिसंबर 2009 से 51 दिन के लिए छुट्टी पर चली गई थी। इसके बाद 27 जनवरी 2010 से वह अनधिकृत तौर पर गैर हाजिर चल रही थी।