श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर नेशनल कांफ्रेंस ने सुशासन सूचकांक को अपनी विफलताओं को छिपाने का प्रयास बताया। पार्टी प्रवक्ता इमरान नबी डार ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में सुशासन केवल कागजों तक ही सीमित है। विकास, बुनियादी ढांचे में वृद्धि और रोजगार सृजन का दावा किया जा रहा है, लेकिन लोगों को यह आज तक नहीं दिखा। जमीनी स्थिति प्रशासन के सभी दावों को खारिज करती है।
इमरान ने कहा कि लोग मुद्रास्फीति, विकास घाटा, बढ़ती बेरोजगारी और प्रशासनिक जड़ता से पीड़ित हैं। उन्होंने कहा, युवाओं के लिए 84,000 नौकरियां, बुनियादी ढांचे में वृद्धि, उद्यमिता को प्रोत्साहित करना, पर्यटन, बागवानी और हस्तशिल्प क्षेत्रों के लिए एक पैकेज दूर का सपना बना हुआ है। इमरान ने तर्क दिया कि नौकरशाही शासन ने पूरे क्षेत्र में विकास प्रॉस्पेक्टस को बाधित किया है। उन्होंने कहा कि नौकरशाहों को किसी भी तरह की जवाबदेही के अधीन नहीं किया जा रहा है, सामान्य रूप से लोगों से संबंधित मुद्दों के बारे में बहुत कम परवाह करते हैं।
इमरान ने कहा कि असंबंधित नौकरशाही बिना देखे और सुने निर्णय लेती है। लोगों की इच्छाओं और आकांक्षाओं का संज्ञान लिए बिना उनके जीवन को बदल देती है। उन्होंने कहा, 5 अगस्त 2019 के बाद लगातार दो लॉकडाउन के बाद के विनाशकारी परिणामों से निपटने की अक्षमता ने जम्मू.कश्मीर का प्रबंधन करने वालों की विफलताओं को बुरी तरह से उजागर किया है।