श्रीनगर। दक्षिण कश्मीर के अवंतीपोरा में जैश-ए-मोहम्मद के दो मददगारों को गिरफ्तार कर उनके पास से विस्फोटक सामग्री बरामद की गई है। उधर, कुलगाम में राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने यूएपीए के तहत एक ओवर ग्राउंड वर्कर के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया है।
अवंतीपोरा में एक पुख्ता जानकारी के आधार पर 42 राष्ट्रीय राइफल्स, सीआरपीएफ और जम्मू-कश्मीर पुलिस ने संयुक्त रूप के कार्रवाई कर दो आतंकी मददगारों को गिरफ्तार किया है। इनकी शिनाख्त त्राल निवासी जाहिद अहमद लोन और अवंतीपोरा के शकील अहमद मलिक उर्फ अबु दुजाना के रूप में हुई है। इनके कब्जे से विस्फोटक सामग्री व आपत्तिजनक सामग्री बरामद की गई है। प्रारंभिक जांच से पता चला है कि गिरफ्तार किए गए दोनों आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के आतंकवादी सहयोगियों के रूप में काम कर रहे थे। त्राल और अवंतीपोरा क्षेत्रों में सक्रिय आतंकवादियों को रहने, खाने, परिवहन व हथियारों की मदद उपलब्ध कराते थे। इसके अलावा, दोनों गिरफ्तार सहयोगी विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पाकिस्तान स्थित स्वयंभू आतंकी कमांडरों के संपर्क में थे और आतंकवादी रैंक में शामिल होने की योजना बना रहे थे। पुलिस ने थाना त्राल में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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आतंकियों के भागने में की थी मदद
इस बीच राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने अनंतनाग में एनआईए की विशेष अदालत में आतंकियों के मददगार सुहैल अहमद के खिलाफ चार्जशीट पेश की। मामला 26 सितंबर 2020 की आतंकी घटना से संबंधित है। घटना में कुलगाम के बेहिबाग पुलिस स्टेशन के पास आतंकियों ने पुलिस कर्मियों पर अंधाधुंध फायरिंग की थी। हालांकि, सतर्क पुलिस कर्मियों ने प्रभावी जवाबी कार्रवाई की थी लेकिन आतंकवादी सहयोगी सुहैल की मदद से अंधेरे की आड़ में मौके से भागने में सफल रहे थे। इसके बाद जांच दल ने सुहैल को गिरफ्तार कर लिया और उसके पास से हथियार और गोला-बारूद सहित आपत्तिजनक सामग्री भी बरामद की। जांच के दौरान पता चला कि प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-ताइबा के दो आतंकवादी अमीर अहमद मीर और अमीर मंजूर गनी (दोनों मारे जा चुके हैं) और उक्त आतंकवादी सहयोगी आयोग में शामिल थे।