उमर अब्दुल्ला ने कहा कि यह वक्त सियासत करने का नहीं है और न मेरा कोई इरादा है, लेकिन हमारे जो हुक्मरान हैं, उनकी यह जिम्मेदारी बनती है कि वो लोगों को समझाएं कि आखिरकार कहां पर फेलियर हुआ है।
नेशनल कांफ्रेंस के उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला ने कहा कि हालिया हमलों का उद्देश्य समुदायों के बीच दरार पैदा करना है। उन्होंने कहा कि बहुसंख्यकों से ताल्लुक रखने वाले लोगों की जिम्मेदारी बनती है कि हम अपने अल्पसंख्यक भाइयों और बहनों को सुरक्षा की भावना देने की कोशिश करें ताकि हमें एक बार फिर से 1990 जैसे हालात न देखने पड़ें। उन्होंने सिखों से घर छोड़कर न जाने की अपील की। उमर प्रिंसिपल सुपिंदर कौर के घर संवेदना व्यक्त करने पहुंचे थे।
उन्होंने यह भी कहा कि प्रशासन की ओर से भी ‘पिक एंड चूज’ एप्रोच नहीं होनी चाहिए। अगर इन हमलों के बाद कश्मीरी पंडित समुदाय से संबंधित कर्मचारियों को 10 दिन की छुट्टी दी गई है तो ऐसा फैसला सिख समुदाय के लोगों के लिए क्यों नहीं। यह भेदभाव क्यों।