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कश्मीर में हिंसा: उमर अब्दुल्ला बोले- सिख समुदाय घर छोड़कर न जाए, हुक्मरान बताएं- आखिर चूक कहां हुई

Sat, 09 Oct 2021 02:27 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू

सार

उमर अब्दुल्ला ने कहा कि यह वक्त सियासत करने का नहीं है और न मेरा कोई इरादा है, लेकिन हमारे जो हुक्मरान हैं, उनकी यह जिम्मेदारी बनती है कि वो लोगों को समझाएं कि आखिरकार कहां पर फेलियर हुआ है।
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उमर अब्दुल्ला, फाइल फोटो - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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नेशनल कांफ्रेंस के उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला ने कहा कि हालिया हमलों का उद्देश्य समुदायों के बीच दरार पैदा करना है। उन्होंने कहा कि बहुसंख्यकों से ताल्लुक रखने वाले लोगों की जिम्मेदारी बनती है कि हम अपने अल्पसंख्यक भाइयों और बहनों को सुरक्षा की भावना देने की कोशिश करें ताकि हमें एक बार फिर से 1990 जैसे हालात न देखने पड़ें। उन्होंने सिखों से घर छोड़कर न जाने की अपील की। उमर प्रिंसिपल सुपिंदर कौर के घर संवेदना व्यक्त करने पहुंचे थे।

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उमर ने कहा, यह वक्त सियासत करने का नहीं है और न मेरा कोई इरादा है, लेकिन हमारे जो हुक्मरान हैं, उनकी यह जिम्मेदारी बनती है कि वो लोगों को समझाएं कि आखिरकार कहां पर फेलियर हुआ है। उन्होंने कहा, जिस तरह घटना हुई। शिक्षकों को चुनकर अलग करके मारा गया। मकसद यही है कि यहां के भाईचारे को तोड़ा जाए और माहौल बिगाड़ा जाए।
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उन्होंने यह भी कहा कि प्रशासन की ओर से भी ‘पिक एंड चूज’ एप्रोच नहीं होनी चाहिए। अगर इन हमलों के बाद कश्मीरी पंडित समुदाय से संबंधित कर्मचारियों को 10 दिन की छुट्टी दी गई है तो ऐसा फैसला सिख समुदाय के लोगों के लिए क्यों नहीं। यह भेदभाव क्यों।
 

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