पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने भाजपा पर एक बार फिर तीखा हमला बोला है। महबूबा मुफ्ती ने कहा कि भाजपा लोगों की समस्याओं को हल करने में विफल साबित हो रही है तो ऐसे में लोगों को हिंदू-मुस्लिम के नाम पर लड़ाया जा रहा है। भाजपा के पास जनता को नफरत देने के सिवा कुछ भी नहीं है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस के समय में जो भी देश की संपदा बनी थी, भाजपा धीरे-धीरे उसे बेच रही है। लोगों को धर्म के नाम पर बांटा जा रहा है। महबूबा मुफ्ती ने कहा, ' वो (भाजपा) एक ही बार बताए कि उनकी नजर किस-किस मस्जिद पर है। क्या उन सब को लेने के बाद सब कुछ ठीक हो जाएगा। क्या जनता की समस्याएं उसके बाद हल कर दी जाएंगी। क्या दो करोड़ नौजवानों को फिर रोजगार दिया जाने लगेगा। क्या महंगाई और पेट्रोल के दाम को कम कर दिए जांएगे। क्या हिंदू-मुस्लिम के नाम पर जो नफरत फैला रहे हैं वो बंद कर देंगे। अभी ज्ञानवापी मस्जिद को लेने के पीछे पड़े हैं। क्या उसे लेने के बाद सब कुछ ठीक हो जाएगा।'
फिल्म कश्मीर फाइल्स के बाद नफरत की घटनाएं बढ़ीं
महबूबा मुफ्ती ने कहा कि जम्मू कश्मीर में पीडीपी, एनसी, कांग्रेस ने सुरक्षाबलों के साथ मिल कर कश्मीरी पंडितों के सुरक्षित माहौल बनाया था। 2010 और 2016 में पीक अनरेस्ट के समय में भी ऐसी घटनाएं नहीं हुईं, जहां कश्मीरी पंडितों को मारा गया हो, लेकिन भाजपा राज के बाद माहौल बिगड़ा है। खास कर फिल्म कश्मीर फाइल्स बनने के बाद प्रदेश में हिंसा और नफरत बढ़ी है। उन्होंने कहा, 'देशभर में जब मुसलमानों पर अत्याचार की घटना होती है। उनके घर तोड़ दिए जाते हैं, मस्जिदों को निशाना बनाया जाता है तो इसका असर प्रदेश में दिखता है और लोगों के बीच दूरियां और बढ़ जाती हैं।'
रविवार को पीपुल्स अलायंस फॉर गुपकार डिक्लेरेशन (पीएजीडी) के प्रतिनिधिमंडल ने उपराज्यपाल मनोज सिन्हा से मुलाकात की थी। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि कर्मचारियों को उनके कार्यस्थल और जहां वह रह रहे हैं वहां पर पर्याप्त सुरक्षा मुहैया कराई जाए। साथ ही उन्हें हरसंभव सहायता मुहैया कराई जाए ताकि वे सुरक्षा के भाव के साथ रह सके। हमने उप राज्यपाल से कहा कि उनके लिए दूरदराज के इलाकों में काम करना संभव नहीं है, इसलिए उन्हें उन स्थानों पर तैनात किया जाए जहां पूरी सुरक्षा है। इससे उनमें सुरक्षित होने का भाव उत्पन्न होगा।