श्रीनगर। शोपियां जिले में हुई एक फर्जी मुठभेड़ को एक साल से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन इस मुठभेड़ में मारे गए एक बेटे का पिता अभी भी न्याय का इंतजार कर रहा है। सेना अपनी आंतरिक जांच पूरी होने के छह महीने बाद भी कानूनी प्रक्रिया का हवाला दे रही है। सेना ने अमशीपोरा मुठभेड़ में शामिल दो सैनिकों के खिलाफ साक्ष्य का सारांश पूरा कर लिया था, जिसमें तीन युवक मारे गए थे और संकेत थे कि एक अधिकारी के खिलाफ कोर्ट मार्शल की कार्रवाई शुरू की जाएगी।
इस मामले की समानांतर जांच में जम्मू-कश्मीर पुलिस द्वारा गठित एक विशेष जांच दल ने कैप्टन भूपेंद्र सिंह सहित तीन लोगों के खिलाफ फर्जी मुठभेड़ करने और तीन युवकों की हत्या करने के आरोप में चार्जशीट दायर की। अबरार अहमद के पिता मो यूसुफ ने एक न्यूज एजेंसी से बात करते हुए कहा कि मैंने अपना बेटा खो दिया। मैं पहले जांच की गति से बहुत संतुष्ट था, लेकिन अब ऐसा लगता है कि मेरी उम्मीद कम होने लगी है, क्योंकि पिछले दिसंबर से कुछ भी नहीं चल रहा है। मुझे जम्मू-कश्मीर प्रशासन से पांच लाख रुपये मिले हैं। क्या यह मेरे मासूम बेटे और अन्य लोगों के खून की कीमत है।
हालांकि, सेना ने कहा कि साक्ष्य के सारांश की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और अंतिम प्रक्रिया की शुरुआत के लिए कागजात जल्द ही शुरू किए जाने की संभावना है। एक अधिकारी ने जानकारी देते हुए कहा कि हम जल्द ही इस प्रक्रिया को पूरा करेंगे और संबंधित व्यक्ति अभी भी सेना के पास (जेल) में है।