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पीओके से आई करोड़ों की हेरोइन मामले में आरोपी की जमानत अर्जी खारिज

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जम्मू/श्रीनगर। पाकिस्तान के कब्जे वाले चिकोटी इलाके से आई करोड़ों रुपये की हेरोइन मामले में जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हाईकोर्ट ने जेल में बंद उड़ी के व्यापारी मोहम्मद तजमुल मसूदी की जमानत अर्जी को न्यायमूर्ति विनोद चटर्जी कौल ने खारिज कर दिया। मसूदी को वर्ष 2017 में क्रास बार्डर तस्करी मामले में गिरफ्तार किया गया था।
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सरकार की ओर से इस मामले में जमानत देने का विरोध किया गया था। मामला वर्ष 2017 का है। 21 जुलाई को बारामुला पुलिस को जानकारी मिली थी कि क्रास एलओसी ट्रेड में उस पार से एक ट्रक में नशे की खेप आ रही है। इसके बाद पुलिस, सिक्योरिटी विंग और कस्टम की टीम ने पाकिस्तान के कब्जे वाले मुजफ्फराबाद के चिकोटी इलाके आए एक ट्रक से 1332 पैकेट हेरोइन बरामद की गई थी। यह सामान मेसर्स जेके इंटरनेशनल, मुजफ्फराबाद की ओर से मेसर्स कुल्लू सप्लायर्स, श्रीनगर को भेजा गया था । जिसे पीओके का रहने वाला ट्रक चालक सईद यूसुफ शाह लेकर आया था। मामले की जांच केे बाद 30 नवंबर 2017 को बारामुला के अतिरिक्त जिला कोर्ट में चालान पेश कर कर दिया गया। जांच में पाया गया कि आरोपी अपने भतीजे मुसदिक अफजल मसूदी के साथ मिलकर क्रॉस बार्डर तस्करी का काम करता है। वह पाकिस्तान के कब्जे वाले इलाके और पाकिस्तान से आने वाली सप्लाई को श्रीनगर से दिल्ली और सूरत तक भेजता था। इस पूरे नेटवर्क में एक आरोपी रसूल भट्ट भी साथ देता था।
सोमवार को जस्टिस विनोद चटर्जी कौल ने मामले पर सुनवाई करते हुए कहा कि आरोपी की अर्जी की जरूरत फिलहाल नजर आती। न ही इसके लिए कोई जायज आधार नजर आता है। जिससे पता लगे कि आरोपी का कोई जुर्म नही है। लिहाजा कोर्ट जमानत देने के लिए राजी नहीं है। इन दलीलों के साथ जज ने आरोपी की जमानत अर्जी खारिज कर दी।
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