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अनंतनाग में कृषि भूमि पर अवैध निर्माण रोकें

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श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर और लद्दाख उच्च न्यायालय ने सोमवार को अनंतनाग के उपायुक्त से कहा है कि वह कृषि भूमि पर किसी भी तरह का अवैध निर्माण न होने दें। यदि कोई अवैध निर्माण है तो उसे हटा दें। साथ ही अवैध निर्माण हटाने के लिए क्या कार्रवाई की गई इसके बारे में अदालत को सूचित करें। मुख्य न्यायाधीश पंकज मित्तल और न्यायमूर्ति विनोद चटर्जी कौल की खंडपीठ ने पहलगाम की सुरक्षा के संबंध में दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए निर्देश पारित किया।
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याचिका मेें बिजबिहाड़ा-पहलगाम सड़क के किनारे दूर-दराज के इलाकों में कृषि भूमि पर हो रहे सभी अवैध निर्माण कार्य रोकने के लिए उचित निर्देश देने की मांग की गई थी। अदालत ने कहा कि अधिकारियों ने यह सूचित किया है कि जिन इलाकों में अवैध निर्माण की बात की गई है उनमें से कोई भी क्षेत्र पहलगाम विकास प्राधिकरण के अंतर्गत नहीं आता है। इसलिए प्राधिकरण या उसके मुख्य कार्यकारी अधिकारी इस मामले में कोई कार्रवाई करने की स्थिति में नहीं हैं। चूंकि यह क्षेत्र उपायुक्त अनंतनाग के अधिकार क्षेत्र में है, जिन्होंने पहले भी इस मामले में कार्रवाई की है, हम उन्हें यह सुनिश्चित करने के लिए उचित कार्रवाई करने का निर्देश देते हैं कि यदि कोई अनधिकृत निर्माण किया गया है तो उसे हटा दें।
पहलगाम में 43 कनाल से अधिक जमीन की गिफ्ट डीड रद्द
श्रीनगर। दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग जिले के पहलगाम में 43 कनाल से अधिक भूमि की मौखिक गिफ्ट डीड को रद्द कर दिया गया है। अधिकारियों ने जम्मू-कश्मीर और लद्दाख उच्च न्यायालय को इसके बारे में सूचित कर दिया है।
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मुख्य न्यायाधीश पंकज मित्थल और न्यायमूर्ति विनोद चटर्जी कौल की खंडपीठ ने कहा कि एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि अदालत ने 12 जुलाई को अधिकारियों से झूठी और फर्जी गिफ्ट डीड को रद्द करने के साथ दाखिल खारिज (म्यूटेशन) बदलने के लिए कहा था। अदालत के निर्देश पर अधिकारियों ने जांच के लिए अनंतनाग के सहायक आयुक्त (राजस्व) की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया। समिति की रिपोर्ट से पता चलता है कि 43 कनाल 18 मरला भूमि मौखिक गिफ्ट डीड द्वारा हस्तांतरित की गई। इसके आधार पर किया गया म्यूटेशन जम्मू-कश्मीर भूमि हस्तांतरण एक्ट की धारा 5 की उप-धारा 2 (सी) का घोर उल्लंघन पाया गया। इसके बाद इसे निरस्त कर दिया गया है। समिति ने जांच में पाया कि म्यूटेशन के आधार पर 34 कनाल भूमि मौखिक आधार पर दानदाताओं को हस्तांतरित कर दी गई है। जबकि भौतिक सत्यापन के दौरान जमीन पर कब्जा तीसरे पक्ष का पाया गया। अधिकारियों ने बताया कि 28 जून 2021 को पहलगाम के लारीपोरा में म्यूटेशन संख्या 1503 को रद्द कर दिया गया ।
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लिद्दर किनारे निर्माण रोकने का आवेदन खारिज
श्रीनगर। अदालत ने लिद्दर नाले के किनारे एक स्टेडियम के निर्माण पर रोक लगाने की मांग करने वाली याचिका को अर्थहीन बताते हुए कहा कि इस मामले में किसी निर्देश की आवश्यकता ही नहीं है। दरअसल अदालत में एक आवेदन दिया गया था कि नाले के किनारे एक स्टेडियम बनाया जा रहा है जो अदालत के 28 दिसंबर 2014 के आदेशों का उल्लंघन है। अतिरिक्त महाधिवक्ता एमए चाशू ने अदालत को बताया कि स्टेडियम के निर्माण की परियोजना को रोक दिया गया है और ऐसा कोई निर्माण नहीं किया गया है। पहलगाम विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मसरत हाशिम की मौजूदा स्थिति पर एक रिपोर्ट भी पेश की गई। जिसमें बताया गया कि वहां कोई निर्माण नहीं हो रहा बल्कि कुछ जमीन पर मिट्टी भरकर उसे खेल मैदान के तौर पर समतल किया गया है। अदालत ने कहा, चूंकि नदी के किनारे कोई निर्माण नहीं किया जा रहा है, इसलिए आवेदन को अर्थहीन कर दिया गया है।
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जेके बैंक के पूर्व अध्यक्ष नेंगरू के मोबाइल फोन,
कंप्यूटर, एफडीआर, क्रेडिट कार्ड जारी करने के आदेश
श्रीनगर। एसीबी के विशेष न्यायाधीश ने सोमवार को जम्मू-कश्मीर बैंक के पूर्व अध्यक्ष परवेज अहमद नेंगरू के चार क्रेडिट कार्ड, चार एफडीआर के अलावा मोबाइल हैंड सेट, कंप्यूटर व अन्य इलेक्ट्रानिक गैजेट्स जारी करने के आदेश दिए हैं।
नेंगरू ने अपनी याचिका में जब्त किए गए इन इलेक्ट्रानिक गैजेट्स जारी करने की मांग की थी। हाल ही में जम्मू-कश्मीर पीपुल्स कांफ्रेंस में शामिल हुए नेंगरू ने कहा कि ऐसा कुछ भी नहीं मिला है जिसके आधार पर इन गैजेट्स को प्राथमिकी से जोड़ा जाए। उन्होंने कहा कि एसीबी ने उनके घर पर छापों के दौरान बिना जांच से जुड़े इस तरह के सामान को जब्त किया है। जबकि इनका इस्तेमाल वह निजी रूप में कर रहे थे। आवेदन के आधार पर अदालत ने इन वस्तुओं को जारी करने का आदेश दिया।
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