श्रीनगर की स्थानीय अदालत ने 1 फरवरी, 2022 को घाटी को झकझोर देने वाले श्रीनगर एसिड अटैक मामले में सोमवार को मुख्य आरोपी को दोषी करार दिया। उसे मंगलवार को सजा सुनाई जाएगी। प्रधान सत्र न्यायाधीश श्रीनगर जवाद अहमद की अदालत ने 20 मार्च, 2022 को दो वयस्क आरोपियों बुछवाड़ा डलगेट निवासी साजिद अल्ताफ शेख और डलगेट (वर्त्तमान में पादशाही बाग) श्रीनगर निवासी मोहम्मद सलीम कुमार के खिलाफ कथित तौर हमले में इस्तेमाल तेजाब मुहैया कराने के लिए आरोप तय किए थे।
दो साल की सुनवाई के बाद अदालत ने साजिद अल्ताफ शेख को आईपीसी की धारा 326-ए (एसिड आदि के इस्तेमाल से स्वेच्छा से गंभीर चोट पहुंचाना) के तहत अपराध करने का दोषी पाया। हालांकि, कुमार को 326-ए के तहत गंभीर आरोपों से बरी कर दिया गया है, जिसमें न्यूनतम दस साल की जेल का प्रावधान है जिसे आजीवन कारावास तक बढ़ाया जा सकता है और जुर्माना भी लगाया जा सकता है।
उन्हें आईपीसी की धारा 336 के तहत अपराध करने के लिए दोषी (जो कोई भी इतनी तेजी से या लापरवाही से कार्य करता है कि मानव जीवन या दूसरों की व्यक्तिगत सुरक्षा को खतरे में डालता है) ठहराया गया है। अदालत द्वारा मंगलवार को सजा की सुनाने की संभावना है।
1000 पेज की चार्जशीट दायर करने के 24 दिन बाद अदालत ने दोनों के खिलाफ आरोप तय किए थे। मामले में तीन लोगों को नामित किया गया था और दो आरोपपत्र दायर किए गए थे। एक दो वयस्क आरोपियों के खिलाफ और एक किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष एक नाबालिग के खिलाफ।
गौरतलब है कि हमले के तुरंत बाद, पुलिस ने मामले की जांच के लिए एसपी नॉर्थ राजा जुहैब (जेकेपीएस) के नेतृत्व में एक विशेष जांच दल का गठन किया था, जिसमें यासिर पर्रे (एसडीपीओ) खानयार, पुलिस स्टेशन सफाकदल, नौहट्टा के अलावा श्रीनगर महिला पुलिस स्टेशन के एसएचओ को जांच सौंपी गई थी।