बांदीपोरा। ऑल जम्मू एंड कश्मीर पंचायत कॉन्फ्रेंस (एजेकेएपीसी) ने केंद्र सरकार और मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला सरकार से मांग की है कि 2011 से अब तक कश्मीर में हत्या किए गए पंचों, सरपंचों तथा अन्य पंचायती राज संस्था (पीआरआई) सदस्यों के परिवारों को पर्याप्त मुआवजा तथा सरकारी नौकरियां प्रदान की जाएं।
संगठन ने कहा कि इन पीआरआई सदस्यों ने लोकतंत्र की रक्षा के लिए अपनी जानें कुर्बान कीं और अब सरकार की जिम्मेदारी है कि उनके आश्रितों का ख्याल रखा जाए। बांदीपोरा जिले में आयोजित एजेकेएपीसी के एक दिवसीय सम्मेलन की अध्यक्षता करते हुए संगठन के अध्यक्ष अनिल शर्मा ने मुख्यमंत्री से शहीद पंचों और सरपंचों के बलिदानों को मान्यता देने की अपील की। उन्होंने सरकार से मृतक पीआरआई सदस्यों के आश्रितों को राहत और सहायता प्रदान करने के लिए स्पष्ट नीति बनाने का अनुरोध किया।
पंचायत चुनावों के मुद्दे पर एजेकेएपीसी अध्यक्ष ने कहा कि पंचायत हलकों और वार्डों की परिसीमन (डिलिमिटेशन) के बिना चुनाव कराना व्यर्थ साबित होगा। संवाद