सरकारी राशन की भारी किल्लत से जूूझ रहे लोगों द्वारा बार-बार प्रदर्शन करने के बाद भी जब समस्या का समाधान नहीं हुआ तो प्रदर्शन का मोर्चा महिलाओं ने संभाल लिया। वीरवार को शहर के दस्स्ल, पोठा, ठंडी कस्सी, वार्ड नं 2 और वार्ड नं 4 से भारी संख्या में महिलाओं ने डीसी कार्यालय का घेराव कर जमकर नारेबाजी की।
इस अवसर पर महिलाओं ने सीएपीडी, जिला प्रशासन और सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए कड़ा रोष प्रकट किया। महिलाओं ने आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार द्वारा मुफ्त राशन मुहैया करवाने के आश्वासन के बाद भी हमें अभी तक राशन का एक दाना नहीं मिला है। इतना ही नहीं कोटे अनुसार हर माह मिलने वाला राशन भी पिछले दो महीनों से नहीं मिला है। दस्स्ल निवासी सरफराज बेगम ने बताया कि उन्हें मुफ्त राशन तो दूर पैसे देकर भी राशन नहीं मिल रहा है। पोठा निवासी नाजिया बेगम ने बताया कि मूसलाधार बारिश और बाढ़ से उनकी कई कनाल फसल वाली भूमि बाढ़ की भेंट चढ़ गई थी।
सरकार द्वारा आश्वासन के बावजूद अभी तक मुफ्त राशन नहीं दिया गया है। परिवार के आठ सदस्यों को कमा कर खिलाने वाला दिन भर मजदूरी करने के बाद भी दो समय की रोटी भी सही प्रकार से पूरी नहीं कर पा रहा है। सरकार द्वारा न तो अभी तक नुकसान का मुआवजा दिया गया है और न ही मुफ्त राशन।
शहर के वार्ड नं दो और चार की महिलाओं ने उपभोक्ता मामले एवं सार्वजनिक वितरण विभाग पर सरकारी राशन की कालाबाजारी का आरोप लगाते हुए कहा कि सरकारी राशन दुकानों पर बेचा जा रहा है, लेकिन गरीब को भूखे रहने पर मजबूर किया जा रहा है। करीब दो घंटे तक डीसी कार्यालय का घेराव करने के बाद मौके पर पहुंचे डीसी राजोरी जितेंद्र कुमार सिंह ने चुनाव में अधिक व्यस्त होने की बात कहते हुए उन्हें भरोसा दिलाया कि चुनाव खत्म होते ही उनकी समस्या का समाधान हर हाल में किया जाएगा।