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उच्च गुणवत्ता के साथ तय समय में पूरी करें विकास परियोजनाएं

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राजोेरी। वन विभाग के प्रधान सचिव संजीव वर्मा ने मंगलवार को राजोरी में संबंधित विकास के मोर्चे और केंद्र एवं केंद्र शासित प्रदेश प्रायोजित योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। डीसी राजेश कुमार शवन ने जिला कैपेक्स बजट सहित विभिन्न क्षेत्रों की प्रमुख परियोजनाओं और योजनाओं की प्रगति के बारे में बताया। बैठक में परियोजनाओं पर काम के निष्पादन के मुद्दों पर भी चर्चा की गई।
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सचिव ने कृषि, बागवानी, एफसीएस एवं सीए, समाज कल्याण, पशु एवं भेड़पालन, मत्स्य पालन, रोजगार विभाग सहित अन्य सभी विभागों की विभिन्न योजनाओं की प्रगति की भी समीक्षा की और अधिकारियों को जल्द सेवा वितरण में सुधार पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। जन शिकायतों के समय पर निपटान के लिए तंत्र और लोगों की विकासात्मक अपेक्षाओं को पूरा करने का पता लगाने के लिए कहा।
सचिव ने कार्यकारी एजेंसियों को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा कि चालू वित्तीय वर्ष में किए गए कार्यों को निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा किया जाए और विकासात्मक परियोजनाओं पर कार्यों को निष्पादित करते समय गुणवत्ता बनाए रखी जाए।
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निर्देश दिए कि ग्रामीण विकास विभाग से संबंधित अधिकारी को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा कि जिले में पीएमएवाई-जी के तहत स्वीकृत सभी आवास मार्च 2022 के अंत तक पूरे हो जाएं और योजना के तहत लाभार्थियों को पीएमएवाई-जी की किश्तों का समय पर भुगतान सुनिश्चित करें। जिला कैपेक्स बजट की समीक्षा करते हुए बताया गया कि वित्त वर्ष 2021-22 के लिए 919.59 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं, जबकि 253.35 करोड़ रुपये की राशि जारी की गई है और अब तक 59.96 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं।
लोक निर्माण विभाग (आरएंडबी) क्षेत्र की समीक्षा करते हुए यह बताया गया कि सीआरएफ के तहत छह योजनाओं में से तीन सड़कों और तीन पुलों सहित दो योजनाओं पर काम पूरा हो गया है, चार प्रगति पर हैं। नाबार्ड के तहत स्वीकृत 52 योजनाओं में से नौ पूर्ण हैं, जबकि 24 प्रगति पर हैं और 19 ऐसी योजनाएं हैं जिन पर अभी तक काम शुरू नहीं हुआ है। पीडीडी सेक्टर की समीक्षा करते हुए आयुक्त सचिव ने आईपीडीएस, पीएमडीपी अर्बन, डीडीयूजीजेवाई और पीएमडीपी ग्रामीण सहित विभिन्न केंद्र प्रायोजित योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की।
मनरेगा की प्रगति की समीक्षा करते हुए बताया गया कि वित्त वर्ष 2020-21 में किए गए 4361 कार्यों में से 342 पूर्ण हो चुके हैं। यह भी बताया गया कि चालू वित्त वर्ष में 1.01 लाख जारी किए जा चुके हैं।
बैक टू विलेज के दौरान तय किए गए कार्यों की स्थिति पर चर्चा करते हुए बताया गया कि बी2वी-1 और बी2वी-2 में 200 कार्य किए गए थे, जिनमें से 142 कार्य पूर्ण हो चुके थे, जबकि बी2वी-3 के दौरान 955 कार्यों की पहचान की गई थी, जिनमें से 921 की टेंडंरिंग दी गई है और 361 कार्य आवंटित किए गए है, जबकि 32 पर काम पूरा हो गया है। जल जीवन मिशन के संबंध में बैठक में बताया गया कि 1550.52 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से 293 योजनाओं को स्वीकृत किया गया है और 380 गांवों को कवर किया जाना है।
प्रधान सचिव ने एसीडी को जल संरक्षण कार्यों पर अधिक ध्यान देने और जलग्रहण क्षेत्र में वृक्षारोपण सुनिश्चित करने के लिए कहा।
सिंगल यूज प्लास्टिक के प्रयोग को हतोत्साहित करने के संबंध में आयुक्त सचिव ने प्लास्टिक के हानिकारक प्रभावों के बारे में आम जनता के बीच व्यापक जागरूकता पैदा करने के निर्देश दिए।
स्कूल छोड़ने वाले बच्चों का शत-प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित करने पर जोर देते हुए सीएस ने सीईओ एजुकेशन को ड्रॉपआउट बच्चों और उनके माता-पिता को शिक्षा के लाभों के बारे में जागरूक करने और यह सुनिश्चित करने के लिए कहा। उन्होंने स्कूल शिक्षा विभाग के संबंधित अधिकारी को जिले में महिला साक्षरता दर को बढ़ाने के लिए ठोस कदम उठाने के भी निर्देश दिए।
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